भारत-चीन तनाव के बीच लद्दाख पहुंचे सेना प्रमुख, जानें क्या है ताजा अपडेट…

भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव जारी है। लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर चीन की हर चाल का भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है। इस बीच थल सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे (MM Naravane) 3 सितंबर सुबह लद्दाख पहुंचे।

LAC

फाइल फोटो।

पिछले काफी समय से भारत और चीन के बीच LAC पर विवाद की स्थिति है। वहीं, बॉर्डर पर जारी तनाव के बीच चीन और भारत के बीच बैठकों का दौर भी जारी है।

भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव जारी है। लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर चीन की हर चाल का भारतीय सेना (Indian Army) मुंहतोड़ जवाब दे रही है। इस बीच थल सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे (MM Naravane) 3 सितंबर सुबह लद्दाख पहुंचे। यहां उन्होंने दक्षिण पैंगोंग और अन्य जगहों पर हालात का जायजा लिया।

बता दें कि पिछले काफी समय से भारत और चीन के बीच सीमा पर विवाद की स्थिति है। वहीं, बॉर्डर पर जारी तनाव के बीच चीन और भारत के बीच बैठकों का दौर भी जारी है। पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग सो झील इलाके में चीन की उकसाने वाली कार्रवाई के बाद क्षेत्र में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।

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हालांकि, दोनों पक्षों के सेना कमांडरों ने तनाव घटाने के लिए एक और दौर की वार्ता की है। सरकारी सूत्रों के अनुसार‚ दोनों देश की सेना ने चुशुल में ब्रिगेड कमांडर स्तर की वार्ता की है‚ जिसमें पैंगोंग झील इलाके में तनाव घटाने पर बातचीत की गई।

31 अगस्त और 1 सितंबर को छह घंटे से अधिक समय तक की वार्ता हुई‚ लेकिन इस बातचीत का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। 31 अगस्त को भारतीय थलसेना ने कहा था कि चीनी सेना ने 29 और 30 अगस्त की रात पैंगोंग झील के दक्षिण तट पर यथास्थिति में एकतरफा तरीके से बदलाव करने के लिए उकसाने वाली सैन्य गतिविधियां की।

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वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा था कि चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने 31 अगस्त को एक बार फिर उकसाने वाली कार्रवाई की‚ जब दोनों पक्षों के कमांडर दो दिन पहले पैंगोंग झील इलाके में यथास्थिति बदलने की चीनी कोशिशों के बाद तनाव घटाने के लिए बातचीत कर रहे थे। इलाके में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।

इससे पहले‚ दोनों पक्षों के बीच पैंगोंग झील के उत्तरी तट पर टकराव हुआ था, लेकिन दक्षिणी तट पर इस तरह की घटना पहली बार हुई। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 1 सितंबर को पूर्वी लद्दाख में स्थिति की व्यापक समीक्षा की। इस सिलसिले में चली बैठक में विदेशमंत्री एस जयशंकर‚ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल‚ CDS जनरल बिपिन रावत‚ सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे‚ वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया सहित अन्य शामिल हुए थे।

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सूत्रों ने बताया‚ लगभग दो घंटे तक चली इस बैठक में यह फैसला लिया गया कि भारतीय सेना वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के साथ सभी संवेदनशील क्षेत्रों में अपना आक्रामक रुख जारी रखेगी ताकि चीन के किसी भी दुस्साहस से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। भारतीय थल सेना ने पैंगोंग झील के दक्षिणी तट के इलाके के आसपास अपनी उपस्थिति बढ़ा दी है।

साथ ही‚ टैंक तथा टैंक रोधी मिसाइलों सहित अधिक हथियार प्रणाली लाए गए हैं। इलाके में विशेष सीमांत बल की एक बटालियन तैनात की गई है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) ने भी पूर्वी लद्दाख में LAC पर चीनी हवाई गतिविधियां बढ़ने पर अपनी निगरानी बढ़ा दी है।

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खबर है कि चीन ने पूर्वी लद्दाख से करीब 310 किमी दूर स्थित सामरिक रूप से अहम होटन एयरबेस पर जे-20 लंबी दूरी के लड़ाकू विमान तैनात किए हैं। वहीं‚ भारतीय वायुसेना ने भी पिछले तीन महीनों में अग्रिम मोर्चे के अपने कई लड़ाकू विमान पूर्वी लद्दाख और एलएसी (LAC) के अहम एयर बेसों पर तैनात किए हैं।

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