LAC

दोनों देशों के बीच 1967 में सीमा विवाद के चलते टकराव हुआ था। दरअसल भारत ने नाथु ला से सेबू ला तक तार लगाकर बॉर्डर को परिभाषित किया था।

भारत और चीन की सेना के बीच 12वें दौर की वार्ता के बाद चीन दोनों देश पूर्वी लद्दाख स्थित पेट्रोलिंग प्वाइंट 17A से अपनी-अपनी सेना पीछे हटाने को राजी हो गए हैं।

Indian Army ने एलओसी (LoC) से लेकर एलएसी (LAC) तक सैन्य ताकत कई गुना बढ़ा ली है। कारगिल युद्ध के बाद से भारत ने जम्मू-कश्मीर से लद्दाख तक धरातल पर अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम कर लिया है।

चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। एलएसी (LAC) पर वह अपनी ताकत बढ़ा रहा है। खबर आई है कि अब ड्रैगन एलएसी (LAC) पर सैनिकों के लिए स्थायी बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है।

एलएसी (LAC) पर चीन (China) अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। चीन ने अब तिब्बत के लोगों को पीएलए में भर्ती करना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय सीमा के पास चीन ने तिब्बत के लोगों की भर्ती शुरू कर दी है।

लद्दाख (Ladakh) में भारत (India) के साथ तनाव के बीच चीन (China) के एक सीक्रेट मिशन का खुलासा हुआ है। सैटेलाइट तस्वीरों से ये बड़ी बात सामने आई है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तीन दिन की लद्दाख यात्रा पूरी होते ही चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत (CDS General Bipin Rawat) हिमाचल प्रदेश में LAC के दौरे पर पहुंचे।

गलवन घाटी झड़प (Galwan Valley Violence) के एक साल पूरे हो चुके हैं। इस हिंसक झड़प में पंजाब के चीमा के नजदीकी गांव तोलावाल के गुरबिंदर सिंह शहीद हो गए थे।

आज इस हिंसक झड़प (Galwan Clash) को एक साल पूरे होने पर जानते हैं बिहार रेजिमेंट (16 Bihar Regiment) की बहादुरी के किस्से। इस रेजिमेंट ने 15 जून, 2020 को गलवां में चीनी पोस्ट को तहस-नहस कर दिया था।

पूर्वी लद्दाख (Estern Ladakh) में जारी तनाव को कम करने की कोशिशों के बीच चीन (China) एक बार फिर से चालबाजी की कोशिश कर रहा है। चीन ने एक बार फिर से उकसावे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

किसी भी काम को तनाव के बीच कैसे जल्दी और परफैक्ट तरीके से किया जा सकता है, भारतीय सेना (Indian Army) इसका ताजा उदाहरण हैं।

चीन पर किसी भी हाल में भरोसा नहीं किया जा सकता। उसकी चालबाजियों को देखते हुए वास्तविक नियंत्रण रेखा की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली इंडो तिब्बतन बार्डर पुलिस (ITBP) चीन पर कड़ी नजर रखे हुए है।

चीन (China) एक बार फिर से वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चालबाजी दिखाने लगा है। चीन ने एलएसी के पास सरफेस टू एयर मिसाइल बैटरियों को तैनात किया है।

भारत (India) और चीन (China) के सैन्य कमांडरों के बीच एलएसी (LAC) पर कायम गतिरोध को खत्म करने को लेकर 9 अप्रैल को 11वें दौर की वार्ता हुई।

भारत और चीन के बीच आगे की राह आसान करने के लिए 3-M फॉर्मूले को लेकर बात हुई है, जिसके आधार पर विवाद को निपटाया जाएगा। इसमें आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित को ध्यान में रखा जाएगा।

LAC बातचीत के बाद हुए समझौते पर अमल करते हुए डिसएंगेजमेंट के तहत भारत और चीन की सेनाएं पैंगोंग झील से पीछे हट गई हैं। अब खबर सामने आई है कि चीन अपने सैनिकों को पैंगोंग लेक (Pangong Tso) के पूर्वी छोर पर बसा रहा है।

भारत (India) और चीन (China) के बीच बीते कई महीनों से LAC पर चल रहे विवाद को खत्‍म करने के लिए दोनों देशों के बीच 20 फरवरी को 10वें दौर की सैन्‍य वार्ता हुई।

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