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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) पर चीन की तरफदारी करने का आरोप लगाते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने 14 अप्रैल को फंडिंग रोकने का ऐलान कर दिया।

भारतीय सेना (Indian Army) की जांबाजी के किस्से तो सबने सुने होंगे। अपनी सरहद की निगहबानी के लिए जान की परवाह ना करने वाले सेना के दिलेर जवान बेगानी सरहदों पर भी किस कदर मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी को अंजाम देते हैं, इसका एक लंबा इतिहास है।

लगता है कि अमेरिका अब आतंकवाद और मसूद अजहर के मामले में चीन से आमने-सामने के टकराव का मन बना चुका है। दरअसल, 27 मार्च को अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में फिर से एक प्रस्ताव लाया है। जिसमें पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के आका अजहर मसूद को प्रतिबंधित करने की बात है।

चीन ने चौथी मर्तबा मसूद अजहर को अपने वीटो पावर का इस्तेमाल करके ग्लोबल आतंकी घोषित होने से बचा लिया है। चीन की इस हरकत ने भारत के तरफ से किए जा रहे तमाम प्रयासों एवं मंसूबों पर पानी फेर दिया।

संयुक्त राष्ट्र ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टर-माइंड और दुनिया के मोस्टवांटेड ,जमात उद दावा के मुखिया हाफिज सईद की प्रतिबंधित आतंकियों की सूची से निकालने की याचिका को खारिज कर दिया है।

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