Nepal

चीन (China) की हिमाकत बढ़ती ही जा रही है। भारत के साथ सीमा विवाद के बाद चीन अब नेपाल (Nepal) की जमीन पर भी धीरे-धीरे कब्जा करता जा रहा है। मामला नेपाल के हुम्ला जिले का है।

नेपाल के साथ अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, नेपाल (Nepal) सरकार ने बच्चों की एक किताब में विवादित नक्शा प्रकाशित किया है। यही नहीं, इसमें भारत के साथ सीमा विवाद का भी जिक्र है।

नेपाल में इस बीमारी से अबतक 75 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 22972 लोग संक्रमित हो चुके हैं।

नेपाल ने कहा कि हम दोनों पड़ोसियों भारत और चीन के साथ सहयोग और साझेदारी को आगे बढ़ाना चाहते हैं। दोनों पड़ोसियों के साथ सहयोग हमारे लिए जरूरी है।

नेपाल की सरकार अब भारतीय सेना में गोरखा जवानों की भर्ती को लेकर हुए समझौते की समीक्षा करने जा रही है। नेपाल के विदेश मंत्री प्रदाप कुमार ज्ञावली ने भारत नेपाल के बीच 1947 में हुए इस समझौते को पूरी तरह बेकार करार दे दिया है।

कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख समेत 395 वर्ग किलोमीटर के भारतीय क्षेत्र में नेपालियों के घुसपैठ पर रोक लगाने की अपील की गई थी।

नेपाल (Nepal) चीन के बहकावे में आकर भारत के साथ अपना रिश्ता खराब कर चुका है। वह भारत के विरोध में बचकानी हरकतों पर उतर आया है। नेपाल ने कहा है कि पूर्वी चंपारण (East Champaran) जिले के पास भारतीय सीमा में नो मेंस लैंड से सटे हुए लालबकेया नदी के तटबंध के एक हिस्से को हटा ले।

नेपाल की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी में घमाशान जारी है। चीन के ईशारे पर भारत के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) की कुर्सी खतरे में पड़ती दिखाई दे रही है।

जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद भारत ने देश का नक्शा जारी किया था। जिसके बाद से नेपाल (Nepal), लिम्पियाधुरा, कालापानी और लिपुलेक को भारतीय सीमा में शामिल करने का विरोध कर रहा है।

पाकिस्तान के बाद अब भारत के नये नक्शे से नेपाल (Nepal) नाखुश नक्शे में कालापानी को उसगइ सीमा में दिखाने...

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