
gadhcirauli naxal attack martyr tousif sheikh
Naxal Attack In Maharashtra: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में 1 मई को हुए नक्सली हमले में शहीद 16 जवानों में बीड जिले के तौसिफ शेख भी हैं। तौसिफ ने हमले से कुछ देर पहले ही अपनी मां से फोन पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि वे ठीक हैं और जल्द ही छुट्टी लेकर घर आएंगे। तौसिफ शेख ने मां को कहा था‚ “मां मेरी फिकर मत करो। मैं ठीक हूं। आप अपनी तबीयत का ख्याल रखना।” उनके शहादात की खबर आते ही पूरे बीड जिले में मातम छा गया। बेटे के शहीद होने की खबर मिलने के बाद से मां की आंखों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे। शेख पाटोदा तहसील के क्रांतिनगर में रहते थे।
उनके पिता आरिफ शेख एक होटल में काम करते हैं। तौसिफ शेख 2009-10 बैच में पुलिस में भर्ती हुए थे। परिवार में माता-पिता के अलावा उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं। उनके दो बेटों में बड़ा बेटा पांच साल का है और छोटा बेटा तीन साल का है। उल्लेखनीय है कि 1 मई को गढ़चिरौली में नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर पुलिस के वाहन को उड़ा दिया था। इस हमले में 15 जवान और एक ड्राइवर शहीद हो गए थे। महाराष्ट्र के आईजी ने इस खबर की पुष्टि की थी। सूचना के मुताबिक दो गाड़ियों में करीब 25 जवान सवार थे। दोनों गाड़ियां पेट्रोलिंग के लिए निकली थीं।
इसी दौरान नक्सलियों ने घात लगाकर आईईडी ब्लास्ट किया। जानकारी के मुताबिक, गाड़ी चला रहे ड्राइवर की भी इस हमले में मौत हो गई। इससे पहले कुरखेड़ा तहसील के दादापुरा गांव में नक्सलियों ने 36 वाहनों को आग लगा दी थी। इसके बाद क्विक रिस्पॉन्स टीम के कमांडो घटनास्थल के लिए रवाना हुए थे। ये कमांडो नक्सलियों का पीछा करते हुए जंबुखेड़ा गांव की एक पुलिया पर पहुंचे थे, तभी नक्सलियों ने विस्फोट कर दिया। गढ़चिरौली में यह धमाका घने जंगलों के बीच हुआ। हमला काफी खतरनाक था। जवान प्राइवेट जीप से सफ़र कर रहे थे। शहीद हुए जवान पुलिस की सी-60 फोर्स के कमांडो थे।
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