Galwan Valley

L-70 तोपें सभी प्रकार के ड्रोन, फाइटर ड्रोन, फाइटर हेलीकॉप्टर और फाइटर प्लेन को मार गिराने में माहिर हैं। ये तोपें सभी मौसम में काम कर सकती हैं।

चीन की सरकार ने भारत के साथ लगते तिब्बत के हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के हर घर से 18 से 40 वर्ष तक के उम्र के एक व्यक्ति को चीनी मिलिशिया में शामिल होना अनिवार्य कर दिया गया है।

सेना की ओर से बताया गया कि दोनों पक्षों के बीच समाधान को लेकर बातचीत जारी है और संबंधित क्षेत्रों में नियमित तौर पर पेट्रोलिंग की जा रही है। सीमा पर अब तक हालात सामान्य हैं।

शी जिनपिंग (Xi Jinping) ने कहा कि किसी को भी हमारी क्षमता को लेकर मुगालते में नहीं रहना चाहिए और चीनी लोग अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता व क्षेत्रीय अस्मिता की रक्षा करने में समर्थ हैं।

चीन (China) ने बुधवार को अपने कदम का बचाव करते हुए कहा कि भारत के साथ सीमा विवाद को शांतिपूर्ण बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए।

सेना (Indian Army) ने एक बयान में कहा, ‘‘देश उन वीर सैनिकों का हमेशा आभारी रहेगा, जिन्होंने अत्यधिक ऊंचाई वाले सबसे कठिन इलाकों में लड़ाई लड़ी और राष्ट्र की सेवा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।’’

चीन के एक रिटायर वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने सुझाव दिया कि टकराव से बचने के लिए दोनों पक्षों को विश्वास बहाली पर पूर्व में बनी सहमति पर फिर से आगे बढ़ना चाहिए और कम विवादास्पद उपायों को कार्य में लाना चाहिए।

साल 2020 में 45 सालों बाद भारत-चीन की सीमा पर जवान शहीद हुए थे। ये देश के इतिहास की एक बड़ी घटना थी। इन वीरों के नाम M-120 पोस्ट पर बनाए गए स्मारक में लिखे हैं।

India China face off: गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच झड़प की खबरों को भारतीय सेना ने खारिज किया है। भारतीय सेना ने इस मुद्दे पर बयान जारी किया है।

चीन ने पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी और भारतीय सैनिकों की झड़प का एक वीडियो जारी किया था। इसमें कैप्‍टन सोइबा चीनी अफसरों पर हावी होते दिख रहे थे।

चीन (China) के सरकारी मीडिया ने गलवान की झड़प का वीडियो (Galwan Clash Video) जारी किया है। यह जून, 2020 का वीडियो है। वीडियो में दिख रहा है कि चीनी सैनिक भारतीय जवानों से उलझे हुए हैं।

LAC पर हुए समझौते के बीच चीन (China) ने पहली बार औपचारिक तौर पर कबूल किया है कि गलवान घाटी (Galwan Valley Clash) के खूनी संघर्ष में उसके भी सैनिक मारे गए थे।

गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में जो 20 भारतीय सैनिक (Indian Army) शहीद हुए थे, उनके नामों को अब राष्ट्रीय वॉर मेमोरियल पर लिखा गया है।

रक्षा मंत्रालय ने अपनी 2020 की वर्षांत समीक्षा (Year Ender Review 2020) में कहा है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास गलवान घाटी में पिछले साल 15 जून को चीनी सैनिकों ने नए तरह के हथियार का इस्तेमाल किया था।

India China Clash: अभी तक चीन इस बात को स्वीकार नहीं करता था कि गलवान में भारतीय सैनिकों के साथ हुई झड़प में उसके सैनिकों की भी मौत हुई थी।

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