Covaxin

अमेरिका के NIH ने पाया है कि भारत में Bharat Biotech कंपनी द्वारा बनाई जा रही Covaxin इंसान के शरीर में एक ऐसी एंटीबॉडी बनाती है जो कोरोना के अल्फा और डेल्टा दोनों वैरिएंट से प्रभावी तरीके से लड़ने में सक्षम है।

अमेरिका को कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) कोवैक्सीन और स्पूतनिक-वी पर भरोसा नहीं है। शायद यही वजह है कि वहां पढ़ने वाले वे छात्र जिन्होंने ये वैक्सीन लगवाई है उन्हें दोबारा वैक्सीन लगाने का लिए का जा रहा है।

SEC ने सिफारिश की थी कि भारत बायाटेक की कोवैक्सीन (Covaxin) के फेज 2, फेज 3 के क्लीनिकल ट्रायल को मंजूरी दे देनी चाहिए, जो कि 2 से 18 साल तक के बच्चों पर किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) कोविशील्ड (Covishield) और कोवैक्सीन (Covaxin) के आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, आज या कल से कोविड-19 वैक्सीन का परिवहन शुरू हो जाएगा।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के सहयोग से भारत बायोटेक (Bharat Biotech) द्वारा विकसित स्वदेशी कोविड-19 टीका 'कोवैक्सीन' (Covaxin) के पहले चरण के क्लीनिकल परीक्षण के अंतरिम नतीजों से पता चला है कि सभी आयुवर्ग के समूहों पर कोई गंभीर या प्रतिकूल प्रभाव देखने को नहीं मिला है।

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