भारत के बाद अमेरिका ने भी दिया चीन को झटका, Tik Tok को करेगा बैन

भारत (India) के बाद अब अमेरिका (America) में भी चीनी ऐप टिक टॉक (Tik Tok) पर प्रतिबंध लग सकता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने 31 जुलाई को कहा कि वह अमेरिका में तेजी से प्रचलित हो रहे टिक टॉक ऐप को बंद करेंगे।

Tik Tok

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि हम Tik Tok पर नजर रख रहे हैं। इसे जल्द बैन किया जा सकता हैं। हम इसे लेकर कुछ और भी कर सकते हैं, हमारे पास कई सारे विकल्प हैं।

भारत (India) के बाद अब अमेरिका (America) में भी चीनी ऐप टिक टॉक (Tik Tok) पर प्रतिबंध लग सकता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने 31 जुलाई को कहा कि वह अमेरिका में तेजी से प्रचलित हो रहे टिक टॉक ऐप को बंद करेंगे। इसके लिए वह कई सारे विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के अधिकारियों ने इस पर चिंता जताई है कि टिक टॉक (Tik Tok) से मिली जानकारी का इस्तेमाल चीन का खुफिया विभाग (Chinese Agencies) कर रहा है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जहां तक Tik Tok से जुड़ी चिंताओं का सवाल है, हम उसे अमेरिका में बैन करने जा रहे हैं।

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बता दें कि सिलिकॉन वैली के विशेषज्ञों ने अमेरिका से अपील की थी कि भारत की तरह अमेरिका को भी Tik Tok को बैन करना चाहिए। बैन लगाने को लेकर ट्रंप ने पहले भी संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि अधिकारियों ने इस विषय पर चिंता जताई है कि हमारी जानकारी चीन के खुफिया विभाग तक पहुंचाई जा रही है।

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि हम टिकटॉक पर नजर रख रहे हैं। इसे जल्द बैन किया जा सकता हैं। हम इसे लेकर कुछ और भी कर सकते हैं, हमारे पास कई सारे विकल्प हैं। ट्रंप का यह बयान उन रिपोर्ट्स के बाद आया है जिसमें कहा गया था बाइट डांस टिक टॉक को बेच सकता है और कंपनी माइक्रोसॉफ्ट से इस बारे में बात भी कर रही है।

उल्लेखनीय है कि अमेरिकी सेना ने पिछले साल दिसम्बर में अपने सैनिकों के Tik Tok के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी थी। उसने App को सुरक्षा को खतरा बताया था। अमेरिकी नौसेना ने भी इसी तरह के प्रतिबंध लगाए हैं।

फरवरी में टिकटॉक मामले के निपटारे के लिए अमेरिकी संघीय व्यापार आयोग को 57 लाख डॉलर देने को भी राजी हुआ था, इसमें टिक टॉक (Tik Tok) पर 13 साल से कम उम्र के बच्चों से नाम, ईमेल का पता, उनका स्थान वगैरह जैसी व्यक्तिगत जानकारी अवैध रूप से जमा करने का आरोप था। गौरतलब है कि अमेरिका से पहले भारत सरकार, चीन के 59 ऐप बैन (59 Apps Banned in India) कर चुकी है। भारत ने चीनी ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई गलवान घाटी में झड़प के बाद शुरू की थी।