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अमेरिकी (US) विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (Mike Pompeo) के भारत (India), श्रीलंका (Sri Lanka) और मालदीव (Maldives) दौरे को लेकर चीन (China) की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया आई है।

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (Mike Pompeo) टू प्लस टू की बैठक (India America Two Plus Two Meet) का हिस्सा लेने के लिए भारत (India) के लिए रवाना हो चुके हैं।

2017 से ही अमेरिका(America) , जापान, आस्ट्रेलिया और भारत ने शांति प्रयासों के लिये प्रस्ताव तैयार किया था। चीन की आक्रामकता को देखते हुए इस पर अब तेजी से कार्य किया जा रहा है।

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (Mike Pompeo) तीसरे भारत-अमेरिका ‘टू-प्लस-टू’ वार्ता के लिए अगले हफ्ते भारत का दौरा करेंगे। 27 अक्‍टूबर को माइक पॉम्पिओ और रक्षा मंत्री मार्क एस्‍पर (Mark Esper) भारत में होंगे।

लोवी इंस्टिट्यूट ने अनुमान लगाया है कि भारत (INDIA) को चीन के आर्थिक आउटपुट के 40 फीसदी तक पहुंचने में अभी 10 साल और लगेंगे।

भारत और चीन के बीच LAC पर तनाव के बीच अमेरिका के पेट्रोलिंग जहाज ने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह से ईंधन भरना शुरू कर दिया है। 25 सितंबर को P-8 पोसाइडन एयरक्राफ्ट ने पोर्ट ब्‍लेयर में लैंड किया।

चीनी (China) अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि भारत ने जो 2290 करोड़ रुपए का अमेरिका से हथियार खरीदने का फैसला किया है, वह उसे सीमा पर बढ़त नहीं दिला सकता है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को नोबेल के शांति पुरस्कार के लिए नामित किया गया है। नार्वे की संसद ये पहल की है।

चीन (China) के हालिया मिसाइल परीक्षण के जवाब में अमेरिकी सेना ने भी परमाणु मिसाइल मिनटमैन का टेस्ट किया है। ये काफी शक्तिशाली मिसाइल है।

अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने चीनी सेना की सालाना रिपोर्ट में इस बात की आशंका जताई है कि चीन (China) वैश्विक सुपर पावर बनने के लिए ऐसा कर रहा है।

चीन (China) को इस युद्धाभ्यास (Naval Exercise) से बाहर रखा गया है। साउथ चाइना पर कब्जे के लिए चीन ने एक तरफ अपने कृत्रिम द्वीपों पर फाइटर जेट तैनात किए हैं, वहीं उसकी सिमरन और युद्धपोत भी इलाके में तनाव की वजह बने हुए हैं।

अमेरिकी सीनेट में एक द्विदलीय प्रस्ताव पेश किया गया, जिसमें चीन द्वारा भारत के खिलाफ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सैन्य आक्रामकता के उपयोग की निंदा करने और साथ ही एक राजनयिक समाधान का आह्वान किया गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सुरक्षा संबंधी खतरे को देखते हुए अपने देश में भी टिक टॉक पर बैन लगा दिया है। ट्रंप ने कहा, जहां तक टिक टॉक (Tik Tok) का सवाल है, तो हम इसे बैन कर रहे हैं।

भारत (India) के बाद अब अमेरिका (America) में भी चीनी ऐप टिक टॉक (Tik Tok) पर प्रतिबंध लग सकता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने 31 जुलाई को कहा कि वह अमेरिका में तेजी से प्रचलित हो रहे टिक टॉक ऐप को बंद करेंगे।

दक्षिण चीन सागर में चीन अपना एकछत्र राज चाहता है। बीते दिनों चीन ने यहां युद्धाभ्यास किया जिसके बाद इससे उसके पड़ोसी देश जैसे ताइवान, फ‍िलीपीन्‍स और व‍ियतनाम डरे हुए हैं।

संयुक्त राष्ट्र की संस्थाओं की बदौलत पिछले 75 वर्षों में कोई विश्वयुद्ध नहीं हुआ है। लेकिन बढ़ते शहरीकरण, वैश्वीकरण और सामाजिक विषमताओं के चलते और कई विश्वव्यापी संकट खड़े हो गए हैं जिन के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र और उसकी संस्थाएं अक्षम नज़र आने लगी हैं।

अफ़्रीकावंशी काले नागरिकों के साथ होने वाले भेदभाव के विरोध में हो रहे Black Lives Matter या BLM आंदोलन को लेकर जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भन्ना रहे थे, तब पूर्व राष्ट्रपति ओबामा ने एक छात्रसभा में कहा था, अमेरिकी लोकतंत्र भी विरोध आंदोलनों की ही देन है।

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