America

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सुरक्षा संबंधी खतरे को देखते हुए अपने देश में भी टिक टॉक पर बैन लगा दिया है। ट्रंप ने कहा, जहां तक टिक टॉक (Tik Tok) का सवाल है, तो हम इसे बैन कर रहे हैं।

भारत (India) के बाद अब अमेरिका (America) में भी चीनी ऐप टिक टॉक (Tik Tok) पर प्रतिबंध लग सकता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने 31 जुलाई को कहा कि वह अमेरिका में तेजी से प्रचलित हो रहे टिक टॉक ऐप को बंद करेंगे।

दक्षिण चीन सागर में चीन अपना एकछत्र राज चाहता है। बीते दिनों चीन ने यहां युद्धाभ्यास किया जिसके बाद इससे उसके पड़ोसी देश जैसे ताइवान, फ‍िलीपीन्‍स और व‍ियतनाम डरे हुए हैं।

संयुक्त राष्ट्र की संस्थाओं की बदौलत पिछले 75 वर्षों में कोई विश्वयुद्ध नहीं हुआ है। लेकिन बढ़ते शहरीकरण, वैश्वीकरण और सामाजिक विषमताओं के चलते और कई विश्वव्यापी संकट खड़े हो गए हैं जिन के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र और उसकी संस्थाएं अक्षम नज़र आने लगी हैं।

अफ़्रीकावंशी काले नागरिकों के साथ होने वाले भेदभाव के विरोध में हो रहे Black Lives Matter या BLM आंदोलन को लेकर जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भन्ना रहे थे, तब पूर्व राष्ट्रपति ओबामा ने एक छात्रसभा में कहा था, अमेरिकी लोकतंत्र भी विरोध आंदोलनों की ही देन है।

Black Lives Matter आंदोलन से किसी नाटकीय बदलाव की उम्मीद करने से पहले हमें पश्चिमी एशिया के अरब देशों में चले उस अरब स्प्रिंग या वसंत आंदोलन को याद कर लेना चाहिए जिसके बाद लोकतंत्र के नए वसंत आने की बजाय तानाशाही के पतझड़ों की वापसी हुई थी।

If blacks have to become equal to whites then first, they should become intellectually equal to whites. Blacks have surpassed whites in areas where strength and agility of body is involved.

अमेरिका का राष्ट्रपति अपने नागरिकों का रोष ठंडा करने के लिए शांति और सहानुभूति की बातें करने की बजाय गोलियों से उड़ाने की ऐसी धमकियां दे जिनमें नस्लवादी ज़माने के भड़काऊ नारों की गूंज सुनाई देती हो, तो वह संयोग की बात नहीं हो सकती।

अमेरिका का राष्ट्रपति अपने नागरिकों का रोष ठंडा करने के लिए शांति और सहानुभूति की बातें करने की बजाय गोलियों से उड़ाने की ऐसी धमकियां दे जिनमें नस्लवादी ज़माने के भड़काऊ नारों की गूंज सुनाई देती हो, तो वह संयोग की बात नहीं हो सकती।

पिछले दो दिनों से अमेरिका के तेल आढ़त बाज़ारों में तेल मुफ़्त से भी सस्ता बिक रहा है। मतलब यह कि यदि आप मई में तेल की सप्लाई लेने को तैयार हों तो बेचने वाले दलाल तेल मुफ़्त में देने के साथ-साथ ग्राहक को दो-तीन डॉलर प्रति बैरल का कमीशन भी देने को तैयार हैं।

दुनिया भर में कोरोना (COVID-19) की वजह से कोहराम मचा हुआ है। पर, कोरोना का सबसे अधिक कहर अमेरिका पर टूटा है। यहां पर 19 अप्रैल तक कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या 40,000 के पार हो गई।

दुनिया कोरोना वायरस (Corona Virus) से जंग लड़ रही है और अब इन सब के बीच अमेरिका (America) ने चीन (China) पर परमाणु परीक्षण (Nuclear Test) करने का आऱोप लगाया है।

अमेरिका में पिछले 24 घंटे में 2,600 लोगों की मौत हो गई है, जो देश में अब तक कोविड-19 (COVID-19) महामारी से एक दिन में मरने वालों की सबसे अधिक संख्या है।

अमेरिका में कोरोना वायरस (COVID-19) का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा। वहां,1 अप्रैल को कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 4 हजार के पार हो गई।

भारत सरकार और भारत के उद्योगपति अगर इस मौके का लाभ उठाएं और वही सामान अपने यहां बनाने पर ज़ोर दें तो आगे चल कर यही संकट फ़ायदे का सौदा भी साबित हो सकता है।

ट्रंप साहब चाहे जितने जीत के दावे और आइसिस ख़त्म करने के दावे करते फिरें। असलियत में यह समझौता अगर किसी की जीत के रूप में देखा जा सकता है तो वह तालिबान की जीत है।

FATF ने पाकिस्तान को 33 शर्तों की एक सूची थमा रखी है जिन्हें पूरा करने पर ही उसे ग्रे-लिस्ट से हटाया जाएगा और यदि वह नियत समय-सीमा के भीतर सारी शर्तें पूरी नहीं कर पाता है तो उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।

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