Omicron

दिल्ली में 10 हजार के करीब नए मामले आ सकते हैं और संक्रमण दर 10 फीसदी तक पहुंच सकती है। ऐसे में ये कहा जा सकता है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तीसरी लहर शुरू हो चुकी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कोविड-19 से स्वस्थ होने वाले मरीजों की दर 98.40 फीसदी है जो मार्च 2020 के बाद से सबसे अधिक है। वहीं, संक्रमण की दैनिक दर 0.74 फीसदी है।

देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी।

अब तक 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों- महाराष्ट्र (54), दिल्ली (22), राजस्थान (17), कर्नाटक (14), तेलंगाना (20), केरल (11), गुजरात (9), आंध्र प्रदेश (1), चंडीगढ़ (1), तमिलनाडु (1) और पश्चिम बंगाल (1) में ओमिक्रॉन (Omicron) के मरीजों का पता चला है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के डाटा के अनुसार इस साल जून से अगस्त के बीच ही 50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। देश भर में सीक्वेंसिंग के लिए 288 जगहों की पहचान की गई।

सिर्फ 4 दिन में इस वैरिएंट ने 5 राज्यों में पैर पसार लिये हैं। सबसे पहले कर्नाटक, फिर गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली होते हुए राजस्थान तक पहुंच गया है।

कर्नाटक, महाराष्ट्र के बाद अब राजस्थान और दिल्ली में भी ओमिक्रॉन के मामले सामने आये हैं। राजस्थान में 9 मामले‚ महाराष्ट्र में 7 नए मामलों और दिल्ली में 1 मामले की पुष्टि के बाद देश में इससे संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है।

ओमीक्रॉन (Omicron Virus) के मामले सामने आने पर दहशत में आने की जरूरत नहीं है‚ बल्कि जागरूक होने की जरूरत है। कोविड से जुड़े नियमों का अनुपालन करें और भीड़ में जाने से बचें।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने जोर दिया कि जब तक वैज्ञानिक इस स्वरूप को बेहतर ढंग से समझने के लिए सबूत तलाश रहे हैं, तब तक देशों को जितनी जल्दी हो सके वैक्सीनेशन में तेजी लानी चाहिए।

एस्ट्राजेनेका, मॉडर्ना, नोवावैक्स और फाइजर सहित तमाम दवा कंपनियों ने कहा कि ओमीक्रोन के सामने आने के बाद वे अपने टीके को उसका मुकाबला करने के लिए परिवर्तित करने का प्रयास कर रहे हैं और ये टीके 100 दिन में तैयार होने की उम्मीद है।

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