Indian Airforce

एयर चीफ मार्शल भदौरिया ने बताया कि हमारे पूरे इन्वेंट्री प्रबंधन को कम्प्यूटरीकृत व डिजिटाइज किया गया है और हमने पहले से ही एआई आधारित फॉर्मूलेशन पर काम करना शुरू कर दिया है।

पांच राफेल विमानों की पहली खेप 29 जुलाई 2020 को भारत पहुंचा था। इन विमानों को पिछले साल 10 सितंबर को अंबाला में एक कार्यक्रम में आधिकारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया।

ये परिणाम यूपीएससी (UPSC) की वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं। हालांकि, कैंडिडेट्स के प्राप्तांक अंतिम परिणामों की घोषणा की तारीख से 15 दिन बाद वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।

अप्रैल 2019 में भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) ने करीब 18 अरब डॉलर की लागत से 114 विमानों की खरीद के लिए टेंडर जारी किया था, जिसे हाल के वर्षों में दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य खरीद बताया गया था।

संयुक्त अरब अमीरात के टैंकर ने हवा में ही तीनों राफेल विमानों (Rafale Jets) में ईंधन भरने में मदद की। जिसकी वजह से इन विमानों को कहीं भी जमीन पर लैंड करने की जरूरत नहीं पड़ी।

वायुसेना (Indian Airforce) के अधिकारी के अनुसार, डिजिटल इंडिया और ई-शासन की पहल के तहत इस पोर्टल को शुरू किया गया है। यह समूचे वायुसेना को पेपरलेस ऑफिस में तब्दील कर देगा।

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