Jammu Airforce Station Drone Attack: NIA को सौंपी गई जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले की जांच

गृह मंत्रालय ने जम्मू में एयरफोर्स स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले की जांच राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) को सौंप दी है। इससे पहले एयरपोर्ट अथॉरिटी, लोकल पुलिस और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड भी इस मामले की जांच कर रहे थे।

Naxalites

फाइल फोटो

घटना की जांच में लगी एजेंसियों को अभी तक कोई पुख्ता सबूत नहीं मिल पाए हैं। ऐसे में NIA को अब ये जिम्मेदारी सौंपी गई है। एनआईए जल्द ही इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू करेगी।

गृह मंत्रालय ने जम्मू में एयरफोर्स स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले की जांच, राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) को सौंप दी है। इससे पहले एयरपोर्ट अथॉरिटी, लोकल पुलिस और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड भी इस मामले की जांच कर रहे थे। देश में पहली बार आतंकियों की ओर से किए गए ड्रोन इस हमले में किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन इसमें एयरफोर्स के ढांचे को नुकसान पहुंचाने की क्षमता थी।

27 जून को एयरफोर्स ने सूचना दी थी कि जम्मू एयरफोर्स स्टेशन के टेक्निकल एरिया में कम तीव्रता के दो धमाके हुए। एक धमाके से इमारत की छत को कुछ नुकसान पहुंचा है तो दूसरा एक खुले इलाके में गिरा। एयरफोर्स की ओर से बताया गया कि किसी उपकरण को नुकसान नहीं हुआ।

Coronavirus: देश में 103 दिनों बाद आए सबसे कम नए मामले, दिल्ली में भी थमी संक्रमण की रफ्तार

बता दें कि इस हमले में 2 जवान घायल भी हुए थे। ड्रोन के जरिए एयरबेस के भीतर दो विस्फोटक गिराए गए थे। हालांकि, नुकसान ज्यादा नहीं हुआ। इस घटना की जांच में लगी एजेंसियों को अभी तक कोई पुख्ता सबूत नहीं मिल पाए हैं। ऐसे में NIA को अब ये जिम्मेदारी सौंपी गई है। एनआईए जल्द ही इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू करेगी।

सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल पर जांच कर रहे अधिकारियों को अब तक ड्रोन का कोई पार्ट नहीं मिला है। इससे पता चलता है कि एयरबेस पर हमले के लिए जिन ड्रोन्स का इस्तेमाल हुआ वे विस्फोटक गिराकर चले गए। हैंडलर्स ने ड्रोन को विस्फोटक के साथ एयरबेस के ऊपर भेजा और विस्फोटक गिराते ही इन्हें वापस मोड़ दिया।

झारखंड: गिरिडीह में बड़ी नक्सली घटना विफल, सुरक्षाबलों ने 10 किलो का कैन बम बरामद कर डिफ्यूज किया

संभावना जताई जा रही है कि ड्रोन्स को जम्मू में ही आसपास के किसी लोकेशन से लॉन्च किया गया हो। NIA सूत्रों के अनुसार, इस घटना में क्वाड काप्टर्स ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही विस्फोट में आरडीएक्स का इस्तेमाल हुआ था और हर IED डिवाइस में करीब 1.5 किलोग्राम विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ है। सैंपल आगे टेस्ट के लिए भेजे गए हैं।

ये भी देखें-

बता दें कि जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन अटैक के दूसरे दिन जम्मू के ही कालूचक मिलिट्री स्टेशन पर 2 ड्रोन दिखाई दिए थे। सेना ने उन्हें गिराने के लिए फायरिंग की थी, पर वो अंधेरे में गायब हो गए। इसके बाद जम्मू में सुंजवान मिलिट्री स्टेशन के पास 28 जून की देर रात संदिग्ध ड्रोन नजर आया। बीते 3 दिनों में तीसरी बार ड्रोन देखा गया है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

यह भी पढ़ें