कारगिल युद्ध में 527 जवान हो गए थे शहीद, पाकिस्तान को हर मोर्चे पर फेल कर दी कुर्बानी

युद्ध में भारत के 1300 से ज्यादा जवान घायल हुए थे। पाक सेना को भारत से कहीं ज्यादा नुकसान हुआ। उसने अपने सैनिकों की लाशें लेने से भी इनकार कर दिया था।

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भारतीय सेना का एक जवान। (फाइल फोटो)

युद्ध में भारत के 1300 से ज्यादा जवान घायल हुए थे। पाकिस्तानी सेना को भारत से कहीं ज्यादा नुकसान हुआ था। यहां तक कि उसने अपने सैनिकों की लाशें लेने से भी इनकार कर दिया था।

कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचाया गया था। सेना ने ऐसा पराक्रम दिखाया था जिसे यादकर पाकिस्तान आज भी डर जाता है। युद्ध करीब 40 दिन चला लेकिन जैसा की हर युद्ध में देखने को मिलता है दोनों देशों को इसका नुकसान झेलना पड़ता है। किसी को कम तो किसी को ज्यादा। इस युद्ध में भारतीय सेना के अपने 527 जवानों को खो दिया था।

सेना के इन जवानों ने अंतिम सांस तक देश की सेवा की और दुश्मनों को भारी नुकसान पहुंचाया। सेना के इन वीर सपूतों में से कुछ को सैन्य सम्मान से भी नवाजा गया। युद्ध में भारत के 1300 से ज्यादा जवान घायल हुए थे। पाकिस्तानी सेना को भारत से कहीं ज्यादा नुकसान हुआ था। यहां तक कि उसने अपने सैनिकों की लाशें लेने से भी इनकार कर दिया था।

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पाकिस्तान को हराने के लिए वायु सेना ने भी अहम भूमिका निभाई। बताया जाता है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यही एक ऐसा युद्ध था जिसमें दुश्मन देश की सेना पर इतनी बड़ी संख्या में बमबारी की गई थी।

करीब 18 हजार फीट की ऊंचाई पर कारगिल में लड़ी गई थी। कारगिल युद्ध में भारतीय सेना की जीत की 21वीं वर्षगांठ 26 जुलाई को मनाई जाएगी।पाकिस्तान कश्मीर हड़पने की सोचकर कब्जा करने आया था लेकिन सेना ने उन्हें भगा-भगाकर मारा।

सेना के सामने इस युद्ध में एक से बढ़कर एक कई चुनौतियां थीं लेकिन सेना ने रणनीति, साहस और बलिदान के दम पर जीत हासिल की। इस युद्ध में पाकिस्तान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में था लेकिन फिर भी सेना ने जीत हासिल की।

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