kargil

भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में कारगिल युद्ध (Kargil War) लड़ा गया था। इस युद्ध में पाकिस्तान को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा था।

Kargil War 1999: इस युद्ध में पाकिस्तान ने न केवल अपने 700 सैनिक गंवा दिए बल्कि ऐसी मनोवैज्ञानिक मार भी खाई. जिससे वह आज तक उबर नहीं पाया है।

ऑपरेशन के दौरान चोटी पर पहुंचने के बाद राइफलमैन संजय कुमार पाकिस्तानी सेना के एक बंकर से की जा रही भारी गोलाबारी की चपेट में आ गए।

कारगिल युद्ध (Kargl War) में भारत ने पाकिस्तान को हराकर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। भारत ने दिखा दिया था कि उनकी जमीन पर कब्जा करने की चाह रखने वालों को किस तरह से नेस्तनाबूद किया जाएगा।

सेना ने अपनी भर्ती रैली को टालने का फैसला किया है। अब सेना भर्ती कार्यालय नई भर्ती की तारीख की घोषणा करेगा।

वह अपने साथी जवानों के साथ पाकिस्तानी घुसपैठियों द्वारा कब्जे वाली तोलोलिंग पहाड़ी की सीधी चट्टान पर रेंगते-रेंगते उस जगह पहुंचे थे जहां दुश्मन ने कई बंकर बना रखे थे।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में भीषण युद्ध लड़ा गया था। युद्ध में पाकिस्तान को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था। पाकिस्तान कश्मीर हड़पने की फिराक में था लेकिन हमारे वीर जवानों के आगे उसका ये सपना कभी पूरा नहीं हो सका।

India Pakistan Kashmir Issue: आजादी के तुरंत बाद कश्मीर के राजा ने भी भारत के साथ विलय को मंजूरी दी थी, और फिर पाकिस्तान के पैरों तले जमीन खिसक गई थी।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में भीषण कारगिल युद्ध (Kargil War) लड़ा गया था। युद्ध में पाकिस्तान को हार का सामना करना पड़ा। भारतीय सेना (Indian Army) ने पाकिस्तान (Pakistan) को चौथी बार जंग के मैदान में पटखनी दी थी।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में लड़े गए कारगिल युद्ध (Kargil War) में इंडियन आर्मी (Indian Army) ने पाक सेना को बुरी तरह से हराया था।

भारतीय सेना (Indian Army) के जवान जब-जब दुश्मनों के खिलाफ जंग के मैदान में उतरते हैं सब कांप उठते हैं। ऐसा ही 1999 के कारगिल युद्ध (Kargil War) के दौरान भी हुआ था।

यूं तो युद्ध में हर एक जवान की अपनी अलग भूमिका होती है लेकिन कुछ जवान अपनी बहादुरी से हमेशा याद रखे जाते हैं। ऐसे ही जवान थे सूबेदार मेजर कौशल कुमार शर्मा।

हमला पैटन टैंक के साथ किया गया था। कश्मीर के चार ऊंचाई वाले इलाके पीरपंजाल, गुलमर्ग, उरी और बारामूला पर कब्जे के लिए इस ऑपरेशन को चलाया था।

पाक को भारत के इन खतरनाक हथियारों का पता चला था तो उसकी रातों की नींद उड़ गई थी। युद्ध (Kargil War 1999) के 17 दिनों में हर रोज प्रति मिनट में एक राउंड फायर किया गया था।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में युद्ध (War of 1971) लड़ा गया था। पाकिस्तान आजादी के बाद से अबतक भारत के साथ विश्वासघात करता आया है। लेकिन हर बार नुकसान झेलकर वापस लौटा है।

भारतीय सेना (Indian Army) के जवान सरहद पर तैनात रहकर देश की रक्षा करते हैं। हमारे वीर सपूत किसी भी सूरत में सीमा की रक्षा करते हैं। विपरीत परिस्थितियों में दुश्मनों को माकूल जवाब भी देते हैं।

हमारे वीर सपूत परिवार से दूर रहकर देश की रक्षा करते हैं और जंग के मैदान में दुश्मनों को नेस्तनाबूद करते हैं। शहीद सैनिकों की पत्नियों की कई ऐसी कहानी जो कि पति की शहादत से कतई टूटी नहीं और अपने हौसले से पूरी दुनिया के लिए मिसाल पेश किया।

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