Coronavirus

पिछले हफ़्ते की घटनाओं पर नज़र डालें तो दुनिया में कुछ-कुछ वैसा ही होता नज़र आ रहा है। अमेरिका की ट्रंप सरकार ने ऐसी हवा बांधने की कोशिशें शुरू कर दी हैं कि जैसे कोविड-19 के वायरस को चीन ने अपनी किसी प्रयोगशाला में एक हथियार की तरह तैयार करके दुनिया पर छोड़ दिया हो।

कोरोना वायरस: वहीं दिल्ली में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। राजधानी में कोरोना (Coronavirus) के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी जारी है। राहत वाले तथ्य ये भी है कि रविवार को यानी 24 घंटे के दौरान कोरोना संक्रमण से एक भी मौत की खबर नहीं मिली।

Coronavirus: दिल्ली हवाईअड्ड़े पर सोमवार को करीब 380 विमानों का संचालन होगा। करीब 190 विमान रवाना होंगे और करीब 190 विमान यहां उतरेंगे। इस बीच महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि रेड जोन में हवाईअड्डे खोलने की सलाह अत्यंत नासमझी वाली है। केवल यात्रियों की थर्मल जांच करना और लार के नमूने नहीं लेना अपर्याप्त होगा।

कोरोना वायरस: अगर देश की राजधानी की बात करें तो यहां कोरोना (Coronavirus) की रफ्तार लगातार बढ़ती ही जा रही है। बीते 24 घंटे के दौरान कोरोना से 23 लोगों की मृत्यु हो गई।

कोरोना वायरस: वैज्ञानिकों ने कहा‚ परीक्षण में इस्तेमाल एड़ी5 वेक्टर्ड कोविड–19 (Coronavirus) टीका मनुष्यों में जांचा गया पहला टीका है। अध्ययन में बताया गया कि इस टीके में जुकाम पैदा करने वाले कमजोर पड़े एडेनोवायरस का इस्तेमाल किया गया जो कोशिकाओं में सार्स–सीओवी–2 स्पाइक प्रोटीन के लिए कोडिंग का काम करने वाली आनुवंशिक सामग्री तैयार करता है।

डब्ल्यूएचओ (WHO) ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप मलेरिया के इलाज में काम आने वाली जो दवा कोरोना वायरस (Coronavirus) से बचाव के लिए ले रहे है‚ उसके असर के बारे में कोई स्पष्ट वैज्ञानिक आधार नहीं मिला है।

जिस प्रकार जम्मू संभाग में कोरोना (Coronavirus) के पाजिटिव मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उससे आने वाले दिन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौतियों वाले साबित हो सकते हैं।

कार्मिक मंत्रालय ने कोविड–19 (Coronavirus) से निपटने के लिए जारी किए गए राष्ट्रीय दिशा–निर्देशों का हवाला देते हुए कहा है कि कार्यस्थल पर थूकने पर जुर्माने के साथ ही सजा भी भुगतनी होगी।

देश के अलग-अलग राज्यों में फंसे प्रवासी श्रमिकों के लिए हर राज्य की सरकारों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिए नीचे दिये गये वेबसाइट के लिंक पर क्लिक करके आप खुद को रजिस्टर करा सकते हैं।

परामर्श कंपनी आर्थर डी लिटिल की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस महामारी का उपभोक्ताओं की आय, की बचत और खर्च पर व्यापक असर हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 (Coronavirus) का सबसे बुरा असर नौकरियों के नुकसान, गरीबी में वृद्धि तथा प्रति व्यक्ति आय में गिरावट के रूप में निचले पायदान के लोगों पर पड़ेगा।

सीआरपीएफ (CRPF)  इंस्पेक्टर फतेह सिंह की तबीयत थोड़ी खराब हो गई थी, ऐसे में उन्हें शक हुआ कि कहीं ये बीमारी कोरोना संक्रमण के कारण तो नहीं हो गई, ऐसे में ये संक्रमण कहीं उनके जरिए अन्य साथियों को भी ना हो जाये।

वित्त मंत्री (Finance Minister) ने कहा कि हाउसिंग सेक्टर के लिए 70 हजार करोड़ का बढ़ावा देने वाली योजना लाएंगे। 6 लाख से 18 लाख तक आय वालों को इसका लाभ मिलेगा। 2.5 लाख मध्यम वर्ग के लोगों को फायदा होगा।

MSME को बल मिलता है तो भारत विश्व के तमाम देशों की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम होगा और विश्व का नेतृत्व करने की दिशा में भारत बढ़ सकेगा। इसका एक अन्य लाभ यह होगा कि बाजार में पूंजी की तरलता बढ़ेगी और कारोबारी से लेकर मजदूर तक सभी के सामने आर्थिक संकट दूर होगा।

वामदलों ने कोरोना में श्रमिकों (Workers) की बदहाली के मुद्दे पर कुछ अन्य दलों के सांसदों के साथ राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भी सौंपा है। सरकार के विभिन्न मंत्रालय भी परोक्ष रूप से जानते हैं कि पैदल चलते श्रमिकों की असंख्य तस्वीरों के सामने आने से सरकार की छवि पर बुरा असर पड़ा है।

पिछले 24 घंटे में दिल्ली में जहां कोरोना (Coronavirus) संक्रमण से 13 नए संक्रमितों ने दम तोड़ा वहीं इस दौरान 406 नए मामले भी दर्ज किये गए। इन सभी के बीच राहत वाली बात ये रही कि 383 लोगों को अस्पताल से स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दे दी गई।

पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि आने वाले कुछ दिनों तक वित्त मंत्रि द्वारा आत्मनिर्भर भारत के लिए इस आर्थिक पैकेज के बारे में जानकारी दी जायेगी। आपने ये अनुभव किया है कि बीते 9 वर्षों में जो रिफॉर्म हुई हैं वो संकट के इस घड़ी में अधिक समर्थ नजर आई हैं।

एफएओ खाद्य वस्तुओं की अंतर्राष्ट्रीय कीमतों पर नजर रखता है। एफएओ का कहना है कि लगातार तीसरी बार कीमतों में गिरावट आई है। क्योंकि कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण आर्थिक और तार्किक कारणों से वस्तुओं की मांग में भी भारी कमी आई है। विश्व भर में खाद्य वस्तुओं की कीमत अप्रैल में औसतन 165.5 अंक रही जो पिछले महीने की तुलना में 3.4 फीसदी कम और अप्रैल 2019 की तुलना में तीन फीसदी नीचे है।

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