नक्सल प्रभावित बीजापुर में CRPF ने खोला पहला पशु-चिकित्सालय

CRPF

CRPF के गठन का मुख्य उद्देश्य राज्यों की कानून व्यवस्था बनाए रखना एवं आतंक विरोधी गतिविधियों का खात्मा करना था। CRPF पिछले आठ दशकों से इस काम को बखूबी अंजाम दे रही है। एक तरफ जहां यह नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करती है तो दूसरी तरफ जनहित के कार्यों को लेकर भी हमेशा आगे रहती है।

देश के जिस कोने में भी CRPF मौजूद है, वह वहां के लोगों के साथ मिलकर सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेती है। सुरक्षा के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ, खेल-कूद, पर्यावरण से लेकर तमाम बुनियादी कार्यों में भी दिलचस्पी लेती है।

इसी क्रम में CRPF ने नक्सल प्रभावित बीजापुर में एक पशु चिकित्सालय खोला है। दरअसल, छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र बीजापुर के गांवों में वेटनरी डॉक्टर की कोई सुविधा नहीं थी। ग्रामीण अपने पशुओं का उपचार नहीं करा पाते थे। लोगों की समस्याओं को देखते हुए CRPF ने पहली बार गंगालूर इलाके के पामलवाया में पशु चिकित्सा केंद्र की स्थापना की है। यह देश का पहला ऐसा पशु चिकित्सालय है जिसको CRPF ने खोला है।

इसे भी पढ़ें: बिहार के गया में नक्सलियों ने भाजपा नेता के घर को डायनामाइट से उड़ाया

सीआरपीएफ के एक अफसर पशु चिकित्सक हैं, जो अपनी ड्यूटी के साथ इस अस्पताल में सेवाएं भी दे रहे हैं। अस्पताल खुलते ही सैकड़ों आदिवासी अपने मवेशी लेकर पहुंच गए। अस्पताल में लोगों का तांता लग गया। लोग अपने साथ गाय, बैल, बकरी, मुर्गे, कुत्ते इत्यादि मवेशी उपचार हेतु लेकर आए। सीआरपीएफ की 85वीं बटालियन द्वारा पामलवाया में यह कैम्प लगाया गया।

आसपास के गांवों के लोग इस पशु परामर्श केन्द्र के उद्घाटन में शामिल हुए। उद्घाटन के मौके पर 85वीं बटालियन के कई अधिकारी उपस्थित थे। सीआरपीएफ बटालियन में मौजूद अधिकारी एवं डाक्टरों ने स्थानीय लोगों को पशुओं में होने वाली बीमारी एवं इसके उपचार के बारे में बताया। साथ ही, पशुपालन से पैदा होने वाले आय के स्रोतों के बारे में भी लोगों को जानकारी दी गई। क्योंकि इस क्षेत्र में पशुधन कमाई का एक बड़ा जरिया है। बड़ी संख्या में लोगों की जीविका पशुपालन से चलती है।

इसे भी पढ़ें: सोशल मीडिया बन रहा नक्सलियों का नया हथियार

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here