उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की सनक से परेशान लोग, चीन की सीमा पर एंटी एयरक्राफ्ट गनों को किया तैनात

उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन (Kim Jong Un) ने चीन से लगी सीमा पर एंटी एयरक्राफ्ट गनों (Anti Aircraft Guns) को तैनात करवाया है। यही नहीं, उत्तर कोरिया के बॉर्डर गार्ड्स को सीमा से 0.6 मील के भीतर मिलने वाले किसी भी व्यक्ति को तत्काल गोली मारने के आदेश भी दिया गया है।

Kim Jong Un

फाइल फोटो।

कोरोना वायरस का संक्रमण शुरू होने के बाद से ही किम जोंग उन (Kim Jong Un) ने अपने देश की सीमा को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर रखा है।

उत्तर कोरिया (North Korea) के तानाशाह किम जोंग उन (Kim Jong Un) ने चीन से लगी सीमा पर एंटी एयरक्राफ्ट गनों (Anti Aircraft Guns) को तैनात करवाया है। यही नहीं, उत्तर कोरिया के बॉर्डर गार्ड्स को सीमा से 0.6 मील के भीतर मिलने वाले किसी भी व्यक्ति को तत्काल गोली मारने के आदेश भी दिया गया है।

बता दें कि पहले यह काम शार्प शूटर्स को सौंपा गया था। इसके अलावा, बॉर्डर के इलाके में बारूदी सुरंगों का जाल भी बिछाया गया, लेकिन लोगों के घुसपैठ को रोकने के लिए अब तानाशाह को अपनी किलिंग मशीन कहे जाने वाले एंटी एयरक्राफ्ट गन फायरिंग स्क्वॉड को तैनात करना पड़ा है।

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गौरतलब है कि कोरोना वायरस का संक्रमण शुरू होने के बाद से ही किम जोंग उन (Kim Jong Un) ने अपने देश की सीमा को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर रखा है। बॉर्डर पर सख्ती इतनी है कि चीन से होने वाले व्यापार को भी पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इस कारण उत्तर कोरिया में रोजमर्रा के सामानों की किल्लत हो गई है।

किम जोंग के पागलपन से परेशान होकर उत्तर कोरिया के लोग देश छोड़कर चीन जाने में ही भलाई समझ रहे हैं। हर महीने बड़ी संख्या में उत्तर कोरिया के नागरिक चोरी-छिपे देश छोड़कर चीन जा रहे हैं। लोगों के इस तरह बाहर जाने से नाराज उत्तर कोरिया के तानाशाह ने अब बॉर्डर पर एंटी एयरक्राफ्ट गनों को तैनात किया है।

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ये गन लंबी दूरी तक लोगों के ऊपर सटीक निशाना लगा सकते हैं। इनका वार इतना घातक होता है कि कोई भी बैलिस्टिक शील्ड या बॉडी आर्मर इनकी गोलियों को रोक नहीं सकता है। किम जोंग ने न केवल एंटी-एयरक्राफ्ट गनर को लोगों को उत्तर कोरिया से भागने का काम सौंपा है, बल्कि विशेष बलों के सैनिकों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

ये विशेष बल स्थानीय बॉर्डर गार्ड्स के साथ मिलकर मिशन को अंजाम दे रहे हैं। इस कारण स्पेशल फोर्स और बॉर्डर गार्ड्स में भी डर बैठा हुआ है कि उनकों भी गोली मारी जा सकती है। सूत्रों के अनुसार, एंटी एयरक्राफ्ट गनों की बटालियनों को उन क्षेत्रों में तैनात किया गया है, जहां घुसपैठ की सबसे ज्यादा संभावना है।

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इन इलाकों में बॉर्डर पर सुरक्षाकर्मियों की तादाद भी अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा कम है। जिसके कारण इन इलाकों से बड़ी संख्या में उत्तर कोरिया के नागरिक चीन में घुसपैठ कर रहे हैं। इसी कारण किम जोंग (Kim Jong Un) ने अपने एंटी एयरक्राफ्ट गनों की बटालियनों को 2020 के शीतकालीन सैन्य प्रशिक्षण से बाहर रखा है। जिससे वह सीमा पर अपनी तैनाती पर काम कर सकें।

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उत्तर कोरिया के उत्तर हैमयोंग प्रांत में एक सैन्य सूत्र ने यूएस-समर्थित रेडियो फ्री एशिया वेबसाइट को बताया कि अक्टूबर में, जनरल कमांड ने कोर-एयरक्राफ्ट गन को बॉर्डर पर तैनात करने का आदेश दिया गया था। नवंबर के मध्य में, 9 वीं वाहिनी के तहत एंटी-एयरक्राफ्ट आर्टिलरी बटालियन को होरियॉन्ग शहर और मसान और ओन्सोंग काउंटी में तैनात किया गया था।

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