दो राज्यों में आतंक का पर्याय बना नक्सली पुलिस के हत्थे चढ़ा

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दो राज्यों में उपद्रव मचाने वाला एक हार्डकोर पीएलएफआई नक्सली आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। झारखंड और ओडिशा में इस नक्सली ने सालों से आतंक मचा रखा था। पुलिस ने 19 सितंबर सुबह बिसरा थाना क्षेत्र से इसे गिरफ्तार कर लिया। इस कुख्यात नक्सली का नाम सुदामा सिंह है। सुदामा के खिलाफ हत्या के सात मामलों समेत करीब डेढ़ दर्जन मामले ओडिशा और झारखंड के विभिन्न थानों में दर्ज हैं। डीआईजी कविता जलान ने राउरकेला एसपी कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। डीआईजी के मुताबिक, 19 सितंबर सुबह बिसरा थाना पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि हार्डकोर पीएलएफआई उग्रवादी सुदामा सिंह बिसरा थाना इलाके में आया हुआ है। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर सुदामा सिंह को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार नक्सली सुदामा सिंह के पास से एक देसी पिस्तौल, एक कारतूस सहित अन्य सामग्री जब्त की है। नक्सली सुदामा सिंह, ग्राम बैदिकटोला, थाना बानो, जिला सिमडेगा का रहनेवाला है। वह 2007 में पीएलएफआई में दिनेश गोप के दस्ते में शामिल हुआ था।उस पर बानो थाना क्षेत्र में साल 2007 में भाजपा नेता विशेश्वर सिंह की बानो मार्केट में हत्या सहित करीब डेढ़ दर्जन मामले दर्ज हैं। इसके आलावा वह हाथीबाड़ी कॉ-ऑपरेटिव बैंक डकैती, जगदा में तीन लाख रुपये लूट जैसे मामलों में भी आरोपी है।

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उसके खिलाफ दर्ज मामलों में अधिकांश मामले ओडिशा के बिसरा और हाथीबाड़ी तथा झारखंड के बानो और जलडेगा थाना में हैं। इसमें हत्या, बैंक लूट, रंगदारी वसूली जैसे मामले शामिल हैं। पुलिस को इस नक्सली की काफी दिनों से तलाश थी। डीआईजी के अनुसार, वह अपने दो अन्य सहयोगी चंद्रभानू सिंह और भीष्मा सहाय के साथ मिलकर नक्सली घटनाओं को अंजाम देता था। पुलिस उसके साथियों की भी तलाश कर रही है। इससे पहले, झारखंड को के चतरा में पुलिस ने कुख्यात नक्सली संगठन टीपीसी के लिए फंडिंग करने के साथ अन्य गैर कानूनी कार्रवाई में शामिल होने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी स्पेशल टास्क फोर्स के द्वारा की गई।

चतरा के पुलिस कप्तान अखिलेश बी वारियर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 2 लोगों की गिरफ्तारी के अलावा 77 लोगों को इस मामले में नामजद अभियुक्त भी बनाया गया है। पुलिस कप्तान वारियर ने कहा कि पिपरवार थाना क्षेत्र में सक्रिय नक्सली संगठन टीपीसी के द्वारा संचालन समिति के नाम से कोल परियोजना से जुड़े कोल व्यवसायों से अवैध रुपये की वसूली की जा रही है। पुलिस बल की टीम ने 14-15 सितंबर की रात छापेमारी की। इस छापेमारी में विनय भोक्ता और धनराज भोक्ता उर्फ मिठू पिपरवार नाम के 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

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