झारखंड के जुनैद ने बैट्री से चलने वाली इलेक्ट्रिक स्कूटी बनाकर सबको डाला हैरत में

अपनी कल्पनाशीलता से कई तरह के अविष्कार कर चुके मो. जुनैद ने बढ़ते प्रदूषण और असंतुलित होते पर्यावरण को देखते हुए जुगाड़ से बैट्री से चलने वाली इलेक्ट्रिक स्कूटी (Electric Scooty) बनाकर सबको हैरत में डाल दिया है।

Electric Scooty

मो. जुनैद ने बढ़ते प्रदूषण और असंतुलित होते पर्यावरण को देखते हुए जुगाड़ से बैट्री से चलने वाली इलेक्ट्रिक स्कूटी (Electric Scooty) बनाकर सबको हैरत में डाल दिया है।

कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो तो तमाम मुश्किलें भी कुछ नहीं कर पातीं। इसी सोच को सच कर दिखाया है नक्सल (Naxal) प्रभावित पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र के शाहपुर निवासी वहाब खलीफा के पुत्र मो. जुनैद ने। अपनी कल्पनाशीलता से कई तरह के अविष्कार कर चुके मो. जुनैद ने बढ़ते प्रदूषण और असंतुलित होते पर्यावरण को देखते हुए जुगाड़ से बैट्री से चलने वाली इलेक्ट्रिक स्कूटी (Electric Scooty) बनाकर सबको हैरत में डाल दिया है।

Electric Scooty
स्कूटी के उद्घाटन के मौके पर उपायुक्त डॉ. शांतनु कुमार अग्रहरि के साथ जुनैद।

कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो तो तमाम मुश्किलें भी कुछ नहीं कर पातीं। इसी सोच को सच कर दिखाया है नक्सल (Naxal) प्रभावित पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र के शाहपुर निवासी वहाब खलीफा के पुत्र मो. जुनैद ने। अपनी कल्पनाशीलता से कई तरह के अविष्कार कर चुके मो. जुनैद ने बढ़ते प्रदूषण और असंतुलित होते पर्यावरण को देखते हुए जुगाड़ से बैट्री से चलने वाली इलेक्ट्रिक स्कूटी (Electric Scooty) बनाकर सबको हैरत में डाल दिया है। जुनैद छोटी-मोटी प्राइवेट नौकरी कर अपना और अपने परिवार का भरन-पोषण करते हैं, इस कारण ना उसके पास पर्याप्त समय रहता है और ना ही पैसा। बावजूद इसके वे लगातार अपनी सोच को आकार देने में लगे हैं।

जिले के उपायुक्त ने बढ़ाया हौसला

जुनैद के अंदर जुगाड़ से इकट्ठा किए गए सामानों से नयी-नयी चीजें बनाने की जिज्ञासा और उत्सुकता है। वैसे तो, उन्होंने अपने बहुत सारे डिवाइस और उपकरण तैयार कर अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया है, लेकिन हाल ही में उसके द्वारा बनायी गयी बैट्री से चलने वाली इलेक्ट्रिक स्कूटी (Electric Scooty) चर्चा का विषय बनी है। इस इको फ्रेंडली स्कूटी को लेकर जुनैद जिस रास्ते से गुजरते हैं, वहां भीड़ इकट्ठी हो जाती है। बच्चे, बूढ़े, युवा सभी इस स्कूटी के दीवाने हो गए हैं। हर कोई एक बार इस स्कूटी की सवारी करना चाहता है। स्कूटी बनाने के बाद जुनैद ने इसका उद्घाटन जिले के उपायुक्त डॉ. शांतनु कुमार अग्रहरि से कराया। उपायुक्त ने ना सिर्फ स्कूटी का उद्घाटन किया, बल्कि वे जुनैद की प्रतिभा से इतने प्रभावित हुए कि 501 रुपये का नगद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित भी किया।

तीन चक्के वाली अनोखी साइकिल बना कर डाल दिया था हैरत में

इससे पहले, उपायुक्त डॉ. अग्रहरि जुनैद द्वारा बनाये गये तीन चक्के वाली अनोखी साइकिल को देखकर हैरत में पड़ गये थे और उसकी तारीफ करते हुए उसे 1001 रुपये का नगद पुरस्कार देकर हौसला बढ़ाया था। मो. जुनैद बताते हैं कि वर्तमान समय भागदौड़ भरा है। पर्यावरण का संकट पूरा विश्व झेल रहा है। आर्थिक बचत की सोच हर किसी को है। ऐसे में उन्होंने आर्थिक बचत और पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखकर इस स्कूटी का निर्माण किया है। जुनैद ने बताया कि उसकी इलेक्ट्रिक स्कूटी (Electric Scooty) में पैडल भी लगा हुआ है। किसी स्थिति में अगर चार्ज खत्म हो जाये तो पैडल रहने से लोग कहीं फंसेगे नहीं, बल्कि साइकिल की तरह चलाते हुए निकल जायेंगे।

क्या है जुनैद की नई स्कूटी की खासियत

यह इलेक्ट्रिक स्कूटी (Electric Scooty) टू सीटर है और इसकी स्पीड 18 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे है। मार्केंट में उपलब्ध अन्य स्कूटी से आधी कीमत 16 हजार पर उसकी स्कूटी मिलेगी। स्कूटी में फिलहाल दो बैट्री लगी है। चार बैट्री लगाने पर और एक बार चार्ज करने के बाद 40 किलोमीटर तक आसानी से चल सकेगी। इसमें चार्जर प्वाइंट भी लगाया गया है, जिससे मोबाइल भी चार्ज किया जा सकता है। जुनैद ने इस स्कूटी का भी नाम जेएसएन रखा है और वह अपनी इस इजाद से बेहद खुश हैं। मो. जुनैद ने बताया कि स्कूटी की कम कीमत और फायदे अनेक रहने से खासकर विद्यार्थियों को उनका यह अविष्कार काफी पसंद आएगा। वे कोचिंग, स्कूली और कॉलेज जाने में इस स्कूटी का बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं। आगे वाले हिस्से में एलइडी लगी है, जबकि उसके नीचे कैरियर भी लगा है, जिसमें कुछ सामान भरकर लाया जा सकता है।

पांच लोग दे चुके हैं स्कूटी का ऑर्डर

उन्होंने बताया कि बहुत जल्द यह इलेक्ट्रिक स्कूटी (Electric Scooty) वे बाजार में उतारने वाले हैं, लेकिन आर्थिक समस्या उनके राह में रोड़े अटका रही है। बावजूद वे अपने प्रयास को पंख देने में लगे हैं। सोशल मीडिया पर उनकी स्कूटी की तस्वीर वायरल होने के बाद जुनैद को इसके लिएऑर्डर मिलने लगे हैं। अब तक पांच लोगों ने स्कूटी का ऑर्डर दिया है। जुनैद अपनी प्रतिभा से शासन-प्रशासन, समाज सबको लगातार चैंकाता रहा है, लेकिन आर्थिक विपन्नता से कुंठित होती उसकी प्रतिभा को अब तक किसी स्तर से संरक्षण नहीं मिला है। जुनैद की प्रतिभा को राष्ट्रीय फलक तक ले जाने की कोशिश आज तक ना तो तथाकथित नागरिक संगठनों ने की है और न ही उसे आज तक सरकारी स्तर पर ही कोई मदद मिली है।

अब टू सीटर प्लेन बनाने की है प्लानिंग

पिछली बार जब मो. जुनैद ने सोलरचालित मिनी कार का अविष्कार किया था तो राज्य की पूर्व समाज कल्याण मंत्री डॉ लुइस मरांडी ने उसकी प्रतिभा के सम्मान में कई कसीदे पढ़े थे। यहां तक कि उन्होंने जुनैद की कल्पनाशीलता में रंग भरनें का भरोसा भी दिया था। लेकिन वह भरोसा आज तक कोरा ही है। मो. जुनैद की जिज्ञासा यहीं खत्म नहीं हुई है। वे इस स्कूटी के बाद टू सीटर प्लेन बनाने की सोच रखते हैं। हालांकि यह प्रोजेक्ट काफी महंगा है। जुनैद ने बताया कि इसमें करीब एक लाख रुपये खर्च होंगे। कुछ लोगों से उनकी बात हुई है। जिले के उपायुक्त डॉ. शातनु कुमार अग्रहरि ने उन्हें भरोसा दिलाते हुए कहा है कि अगर वे प्लेन बना लेते हैं तो उन्हें उड़ाने का लाइसेंस देंगे। मो. जुनैद कहते हैं कि सरकार अगर उसे आर्थिक मदद दे तो ऐसे प्रोजेक्टों को वे शीघ्र पूरा कर सकते हैं।

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