Odisha: दोबारा जुड़ा था संगठन से, फिर क्यों इस नक्सली ने कर दिया सरेंडर…

ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में एक खूंखार नक्सली (Naxali) ने सरेंडर कर दिया। जिले के राउरकेला पुलिस के सामने संबलपुर-देवगढ-सुंदरगढ़ (एसडीएस) डिवीजन में सक्रिय नक्सली पोगा सुरीन उर्फ सुमन ने 30 जनवरी को आत्मसमर्पण कर दिया।

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ओडिशा (Odisha) के सुंदरगढ़ जिले में एक खूंखार नक्सली (Naxali) ने सरेंडर कर दिया।

ओडिशा (Odisha) के सुंदरगढ़ जिले में एक खूंखार नक्सली (Naxali) ने सरेंडर कर दिया। जिले के राउरकेला पुलिस के सामने संबलपुर-देवगढ-सुंदरगढ़ (एसडीएस) डिवीजन में सक्रिय नक्सली पोगा सुरीन उर्फ सुमन ने 30 जनवरी को आत्मसमर्पण कर दिया। बताया जा रहा है कि उसने नक्सली संगठन की खोखली विचारधारा से तंग आकर राउरकेला एसपी के शिवा सुब्रमणी के सामने आत्मसमर्पण किया।

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फाइल फोटो।

ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में एक खूंखार नक्सली (Naxali) ने सरेंडर कर दिया। जिले के राउरकेला पुलिस के सामने संबलपुर-देवगढ-सुंदरगढ़ (एसडीएस) डिवीजन में सक्रिय नक्सली पोगा सुरीन उर्फ सुमन ने 30 जनवरी को आत्मसमर्पण कर दिया। बताया जा रहा है कि उसने नक्सली संगठन की खोखली विचारधारा से तंग आकर राउरकेला एसपी के शिवा सुब्रमणी के सामने आत्मसमर्पण किया।

मुखिया के दबाव की वजह से हुआ संगठन में शामिल

नक्सली पोगा सुरीन उर्फ सुमन झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के छोटानागरा थाना क्षेत्र के सोनापी गांव का रहने वाला है। एसपी ने बताया कि पोगा 2013 में नक्सली (Naxali) संगठन से जुड़ा था। गांव के मुखिया बुधराम और एक मिलिशिया कमांडर के दबाव में आकर वह संगठन में शामिल हुआ। जिसके बाद वह नक्सली नेता मिसिर बेसरा और मोछू के दल में रहकर काम करने लगा।

दूसरी बार जुड़ा नक्सली संगठन से

अपने मां-बाप की देखरेख करने के लिए उसने 2015 में संगठन छोड़ दिया था। इस दौरान वह रायगढ़ा के एक फैक्ट्री तथा तांतनगर में काम करता रहा। लेकिन उसके गांव सोनापी के जंगल में आए नक्सली (Naxali) नेता दर्शन उर्फ बिंजा हांसदा और राजनाथ ने उसे फिर से संगठन से जुड़ने के लिए मना लिया। जिसके बाद वह मार्च, 2018 में फिर से संगठन में शामिल हो गया। इसके बाद नक्सली नेता अनमोल के कहने पर वह एसडीएस डिवीजन में आकर काम करने लगा।

संगठन में हो रहे शोषण से तंग आकर किया सरेंडर

नक्सली संगठन की खोखली विचारधारा और उनके शोषण, अत्याचार, भेदभाव व हिंसा से तंग आकर पोगा ने जनवरी, 2019 में संगठन को फिर से छोड़ दिया। लेकिन नक्सली (Naxali) होने का दाग माथे पर लेकर वह समाज की मुख्यधारा में नहीं आ सकता था। इसलिए वह छुप कर धूम रहा था। इस बीच, नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत ओडिशा सरकार की पुनर्वास योजना से प्रभावित होकर उसने सरेंड करने का निर्णय लिया था। जिसके लिए उसने पुलिस से संपर्क किया। आखिरकार, 30 जनवरी को उसने आत्मसमर्पण कर दिया। एसपी के मुताबिक, सरकार की योजना के तहत उसे सभी तरह का लाभ दिया जाएगा।

कई हिंसक वारदातों में रहा है शामिल

30 जनवरी को राउरकेला पुलिस हेडक्वाटर्र में आयोजित एक प्रेस वार्ता में एसपी शिवा सुब्रमणी ने बताया कि पोगा कई सारे बड़े नक्सली वारदातों में शामिल रहा है। नक्सल (Naxali) हिंसा के मामले में पुलिस को इसकी तलाश लंबे समय से थी। उसके खिलाफ लोहणीपड़ा थाना के बाउनुरकेला में 20 जून, 2018 हुए फायरिंग तथा 15 जुलाई, 2018 में देवगढ़ के रुकुड़ा में पुलिस के साथ हुए मुठभेड़ का मामला दर्ज है। इसके अलावा वह राउरकेला पुलिस जिले के गुरूंडिया क्षेत्र में काफी समय से सक्रिय रहा है और कई नक्सली वारदातों में उसका हाथ रहा है।

नक्सलियों के राज खुलने की उम्मीद

पुलिस को उम्मीद है कि नक्सली पोगा के आत्मसमर्पण के बाद अब उनके जरिए नक्सली (Naxali) संगठन के कई राज सामने आएंगे। खासकर, एसडीएस डिवीजन के गुरुंडिया क्षेत्र में सक्रिय नक्सलियों की गतिविधियों, उनके आने-जाने वाले रास्ते, उनके सहयोगी, संगठन का बल, हथियार व गोला बारूद की स्थिति, संगठन के आर्थिक स्त्रोत तथा विभिन्न घटनाओं में शामिल नक्सलियों के नाम सामने आने की संभावना है।

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