दिल्ली में ISI की बड़ी साजिश का पर्दाफाश, आतंकी हाफिज सईद का करीबी गिरफ्तार, पाक आकाओं के इशारे पर करते थे टारगेट किलिंग और जबरन वसूली

पुलिस पूछताछ में खुलासा किया उनके लिंक खालिस्तान लिबेरेशन फ्रंट से जुडा है। यह मॉड्यूल अपने पाकिस्तानी आकाओं के इशारे पर दिल्ली समेत अन्य राज्यों में टारगेट किलिंग और जबरन वसूली की साजिश रच रहे थे।

Terrorist

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने तीन खालिस्तानी आतंकियों (Terrorist) को गिरफ्तार किया है।

देश की राजधानी दिल्ली में खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट मॉड्यूल का पर्दाफाश कर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने तीन आतंकियों (Terrorists) को गिरफ्तार किया है। दबोचे गए आरोपियों की पहचान निलौठी एक्सटेंशन निवासी आतंकी (Terrorist) मोहिन्द्र पाल सिंह‚ मनसा पंजाब निवासी गुरतेज सिंह और कैथल हरियाणा निवासी लवप्रीत के रूप में हुई। आतंकी गुरतेज़ सिंह पाकिस्तान में ISI हैंडलर अब्दुल्ला और प्रतिबंधित सिख फॉर जस्टिस संगठन के अवतार सिंह पानू और गोपाल चावला के संपर्क में था। गोपाल चावला आतंकी हाफ़िज़ सईद का करीबी है।

आतंकी (Terrorist) के पास से हथियार बरमाद

पुलिस ने इनके पास से तीन पिस्टल‚ सात कारतूस‚ एक आईफोन और दो मोबाइल बरामद किए हैं। इसके अलावा खालिस्तान आंदोलन और उनके प्रचारकों से सम्बंधित कई वीडियो और तस्वीरें मिली हैं। आरोपी खालिस्तान आंदोलन के कट्टर समर्थक हैं जो अपने आकाओं के इशारे पर उत्तर भारत में बड़ी वारदात करने की फिराक में थे।

पुलिस उपायुक्त के अनुसार खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट से जुड़ा आतंकी (Terrorist) मोहिन्द्र पाल सिंह दिल्ली में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में है। इसके बाद पुलिस ने 15 जून की रात नौ बजे छापेमारी कर महेंद्र पाल सिंह को गंदा नाला हस्तसाल से दबोचा।

उसने बताया आतंकी (Terrorist) मोहिन्द्र मूलरूप से बारामूला जम्मू कश्मीर का रहने वाला है। इसके पास से एक पिस्टल और दो कारतूस मिले। इस आरोपी से हुई गहन पूछताछ के बाद मोहिन्द्र पाल की निशानदेही पर पंजाब से लवप्रीत को दबोचा गया। इसके बाद तीसरे आतंकी (Terrorist) गुरतेज सिंह को भी मनसा पंजाब से पकड़ा गया।

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पूछताछ में खुलासा किया उनके लिंक खालिस्तान लिबेरेशन फ्रंट से जुडा है। यह मॉड्यूल अपने पाकिस्तानी आकाओं के इशारे पर दिल्ली समेत अन्य राज्यों में टारगेट किलिंग और जबरन वसूली की साजिश रच रहे थे। आरोपी विदेशों में रहने वाले खालिस्तानी लिबरेशन फ्रंट के हार्डकोर नेताओं के संपर्क में रहे हैं।

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