Terrorism

आईएसआई अब एक ओर जहां इन दोनों संगठनों के चीफ और उनके गुर्गों को टारगेट कर रही है‚ वहीं कश्मीर में सीरिया (Syria) जैसे हालत बनाने के लिए टीआरएफ को जबरदस्त फंडिंग और सेना द्वारा ट्रेंड आतंकी भी दिए जा रहे हैं।

जम्मू कश्मीर में आतंकियों (Terrorist) के खिलाफ लगातार सर्च अभियान चलाए जा रहे हैं। जनवरी 2020 से अब तक 90 से ज़्यादा आतंकी मारे जा चुके हैं।

जम्मू कश्मीर में मौजूदा समय में 200 से कम आतंकवादी (Militants) सक्रिय हैं। इस साल अब तक सीमा पार से केवल 26 आतंकी ही इस केंद्रशासित प्रदेश में प्रवेश कर पाए हैं।

नियंत्रण रेखा पर पिछले दो महीने के भीतर 7 भारतीय जवान शहीद हो चुके हैं। वहीं इस साल अब तक पाकिस्तान (Pakistan) 2700 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर चुका है।

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों द्वारा लगातार आतंकवादियों के मारे जाने से आतंकी घटनाएं कम हुई हैं। साल 2019 में जनवरी से जुलाई के बीच 188 आतंकी घटनाएं हुईं थी, जबकि 2020 में इस दौरान 120 घटनाएं ही हुईं हैं।

सीमा पार से आतंकी घुसपैठ में सफल नहीं हो पा रहे हैं इसलिए स्थानीय पढ़े-लिखे बेरोजगार कश्मीरी नौजवानों को गुमराह करके आतंकवाद (Terrorism) के नरक में धकेला जा रहा है।

सेना के कई जवानों ने अकल्पनीय साहस का परिचय दिया था जिसकी मिसाल आज भी पेश की जाती है। कुछ जवान ऐसे थे जिनके प्रदर्शन से सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।

पिछले कुछ दिनों से सरहद पार जहां आतंकियों (Militants) का जमावड़ा व उनकी गतिविधियां बढ़ी हैं, वहीं पाक सेना के अधिकारियों को बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) के साथ पाकिस्तानी सेना प्रमुख की भी सक्रियता देखी गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक ये सभी सदस्य केरल और कर्नाटक में फैले हुए हैं और ISIS ने ये घोषणा की है कि वह भारत में 'विलायाह ऑफ हिंद' प्रांत बनाएगा।

केरल और कर्नाटक राज्यों में आईएसआईएल सदस्यों (ISIL Militants) की अच्छी–खासी संख्या है। पिछले साल मई में इस्लामिक स्टेट आतंकवादी संगठन (ISIS) ने भारत में नया ‘प्रांत' स्थापित करने का दावा किया था।

बडगाम जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। खुफिया सूत्रों से मिले पुख्ता इनपुट के आधार पर पखेरपोरा इलाके से आतंकियों के तीन मददगारों (Terrorists Associates) को गिरफ्तार किया गया है। ये तीनों कुख्यात आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन (Hizbul Mujahideen) के मददगार बताए जा रहे हैं।

भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा जैश‚ लश्कर और हिजबुल जैसे आतंकियों (Militants) और उनके कमांडर को मारने के बाद घाटी में आतंकी संगठनों की कमर टूट गई है। इसके साथ ही सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के कारण आतंकी घुसपैठ भी नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण पाक खुफिया एजेंसी बौखला गई है।

वीडियो में वह कहता है कि दिल्ली खालिस्तान (Khalistan) बनेगा और लालकिले से केसरी निशान फहरेगा। इसी तरह के अनेक वीडियो व पोस्ट ग्रुपों में डाले जा रहे हैं। इस तरह के व्हाट्सअप ग्रुप्स पर अभी पुलिस प्रशासन ने कोई संज्ञान नहीं लिया है। दिल्ली खालिस्तान (Khalistan) बनेगा और लालकिले से केसरी निशान फहरेगा। इसी तरह के अनेक वीडियो व पोस्ट ग्रुपों में डाले जा रहे हैं। इस तरह के व्हाट्सअप ग्रुप्स पर अभी पुलिस प्रशासन ने कोई संज्ञान नहीं लिया है।

पाक खुफिया एजेंसी ने पीएलए की मदद के लिए पीओके के खपालु में ट्रेनिंग कैम्प बनाया है। चीनी सेना (PLA Troops) कारगिल से 70-80 किलोमीटर की दूरी पर पीओके के खपालू कैम्प में लगभग 80 से 90 लश्कर और जैश के आतंकियों (Militants) को ट्रेनिंग दे रहा है।

घाटी में खूफिया सूत्रों ने पहले की अलर्ट किया था कि 5 अगस्त से पहले आईएसआई (ISI) जम्मू–कश्मीर (Jammu Kashmir) में नेताओं‚ सुरक्षाबलों और राज्य के कुछ खास लोगों पर आतंकी हमला करवा सकती है।

5 अगस्त को जम्मू–कश्मीर में अनुच्छेद 370 व 35ए को खत्म किए जाने का एक वर्ष होने को है। इस बीच पाकिस्तानी आतंकवादी (Militants) किसी बड़े हमले की साजिश की तैयारी में है। यह हमला राजनीतिक कार्यकर्ताओं से लेकर सुरक्षाबलों तथा बड़े राजनेताओं पर हो सकते हैं।

ऑपरेशन के दौरान सेना को बड़ी कामयाबी हाथ लगी और एक साथ तीन आतंकवादी को मौके पर ही ढेर कर दिया गया। सेना ने काउंटर ऑपरेशन में आतंकियों को मार गिराया।