Terrorism

पुलिस और सेना के ज्वाइंट टीम ने इलाके की घेराबंदी की और वहां आतंकवादियों (Terrorists) की मौजूदगी के बारे में विशेष जानकारी के आधार पर सर्च अभियान चलाया।

सांबा पुलिस के बम निरोधक दस्ते को सूचित करने से पहले वहां मौजूद आम लोगों को हटा दिया गया। इसके बाद घटनास्थल पर पहुंची बम निरोधक दस्ते की टीम बारूदी सुरंग में को नियंत्रित विस्फोटक की मदद से नष्ट कर दी।

एटीसी ने आतंकवाद के लिए टेरर फंडिंग के पांच मामलों में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद (Hafiz Saeed) को आंतकवाद निरोधक कानून 1997 की धारा-11एन तक कुल 36 साल की सजा सुनाई है।

आतंकियों (Terrorists)  के साथ सुरक्षाबलों की ये मुठभेड़ (Encounter) शोपियां के मनिहाल गांव में हुई है। 4 आतंकियों के मारे जाने के बाद भी पूरे इलाके में फायरिंग की आवाज आ रही है।

यूपी एटीएस की पैरवी के कारण पांच आरोपियों हबीबुर्रहमान, कमालुद्दीन, काबिल, जाकिर और ताईजुल ने कोर्ट (Court) के सामने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।

घाटी में स्टिकी बम का खतरा बढ़ा है लेकिन वह किसी भी प्रकार के आतंकी हमले (Terror Attacks) को नेस्तनाबूद कर देंगे।

एसटीएफ की ज्वाइंट टीम इस गुप्त सूचना के आधार पर सक्रिय हुई तो मोहम्मद राशिद (Mohmmad Rashid) ट्रेन से जाने का इरादा छोड़ कर बस्ती जिले में ही कहीं भूमिगत हो गया।

सुरक्षा परिषद के अनुसार, ये जघन्य हमले प्रशासनिक व न्यायिक सेवा, मीडिया, स्वास्थ्य सेवा में कार्यरत लोगों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर किए जा रहे हैं।

म्यांमार (Myanmar) की सेना ने नेता सू की, राष्ट्रपति विन मिंट और नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी के कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया है और देश में एक साल के लिए आपातकाल लागू कर दिया है।

सुरक्षाबलों (Security Forces) ने जब अपने ऑपरेशन को अंजाम दिया तब चिह्नित आंतकी ठिकाने पर कोई भी आतंकी मौजूद नहीं था। लेकिन सुरक्षाबलों ने यहां से भारी तादात में विस्फोटक और कई आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है।

अभी तक की छानबीन में ये बात सामने आई है कि इन चारों तस्करों (Drug Smugglers) का पाकिस्तान से कनेक्शन है। ये आरोपी सरहद पार से भारी मात्रा में हेरोइन की तस्करी करके भारत के कई शहरों में इसकी सप्लाई करते थे।

कुख्यात आतंकी संगठन अलकायदा (Al-Qaeda) तुर्की (Turkey) के जरिए नेपाल (Nepal) में भारत की सीमा से लगे क्षेत्रों में अपनी जड़ें जमाने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए इस्लामिक संघ नेपाल (आईएसएन) के साथ तुर्की के संगठन काम कर रहे हैं।

पुलिस ने इस हमले के सिलसिले में तीन आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन आतंकियों (Militants) का संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबंधित ग्रुप से बताया जा रहा है।

इमरान खान (Imran Khan) ने आगे बताया कि, जैसे ही मैं सत्ता में आया‚ मैंने अपने पड़ोसी देश भारत से संपर्क किया और उनके पीएम नरेंद्र मोदी से कहा कि बातचीत के जरिए दोनों देशों के विवाद सुलझाए जा सकते हैं।

थलसेना प्रमुख नरवणे (Army Chief) के मुताबिक, पड़ोसी मुल्क पाक आतंकवाद का समर्थन करने की अपनी रणनीति को नहीं छोड़ रहा है। पाक लगातार अपनी सरजमीं पर आतंकी लॉन्च पैड को बढ़ावा दे रहा है।

एस जयशंकर के मुताबिक‚ ‘आतंकवाद  मानव जाति के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है।' लंबे समय से इसका पीड़ित होने के कारण आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भारत सबसे अग्रणी रहा है।

पत्र में धमकी दी गई है कि किसी को मौका नहीं दिया जाएगा बल्कि आज़ादी पसंदों (आतंकवादियों) की बंदूकें उनके सीने पर नजर आएंगी और किसी भी पुलिस वाले को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वो किसी भी पद या रैंक पर हो।

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