Terrorism

संदिग्ध आतंकी (Terrorist) इजहार के पकड़े जाने से कांधला में हड़कंप मच गया था। इजहार के पकड़े जाने के तुरंत बाद उसके भाई नूर मोहम्मद ने मीडियो से कहा कि वह जम्मू में पिछले कई साल से फल का कारोबार करते हैं।

भारत–पाक सीमा के पार सियालकोट जिले के शकरगढ़ इलाके में ड्रोन आतंकी साजिश का कंट्रोल रूम स्थापित है। जिसकी कमान पाकिस्तान सेना के एक ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारी के पास है।

इस साल घाटी में लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) से सबसे अधिक आतंकवादी मारे गए। इस महीने अब आतंकियों के खिलाफ नौ मुठभेड़ हुईं, जिनमें 22 आतंकी मारे गए।

जम्मू संभाग के पुंछ जिले के जावेद खालिद, सोफी की बेटी के मंगेतर हैं और सोफी की करीबी मखदूमी ने एसएमसी चुनाव लड़ा था, लेकिन वह असफल रही थीं। सोफी एक पूर्व आतंकी है, जो एसएमसी में नौकरी पाने में कामयाब रहा।

इस एनकाउंटर के बाद सुरक्षाबलों ने आस-पास के इलाकों में भी आतंकवादियों (Militants) की तलाशी तेज कर दी है। घटनास्थल के नजदीकी इलाकों में आतंकवादियों को तलाशा जा रहा है। 

हाफिज सईद (Hafiz Saeed) 2008 मुंबई आतंकी हमले का साजिशकर्ता व प्रतिबंधित संगठन जमात–उद–दावा का सरगना है।

पाकिस्तान (Pakistan) फिलहाल भारत सरकार द्वारा शुरू किये गये जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के परिसीमन को लेकर बेहद परेशान है।

प्रवीण कुमार ने खुलासा किया है कि इस रैकेट ने फर्जी तरीके से उनका धर्मांतरण (Forceful Conversion) करा दिया जबकि उनको इसकी भनक तक नहीं लगी।

धर्मांतरण (Illegal conversion) कराने वाले छात्रों को आईएसआई से मिले फंड दिए जाते थे। हिंदू छात्रों का धर्म परिवर्तन कराने के बाद उन्हें केरल के इडुक्की जिले में थांगलपारा में आतंक की ट्रेनिंग दिलाई जाती थी।

सुरक्षाबल के जवान चिन्हित  संदिग्ध स्थान की ओर बढ़े, तभी छिपे हुए आतंकवादियों (Terrorists)  ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की।

डीआरजी के जवानों की कार्रवाई में दो आतंकियों को मार गिराया गया है। इस मुठभेड़ के बाद घटनास्थल की छानबीन के दौरान पुलिस को दोनों आतंकियों (Militants) के शव के पास 2 एके-47 रायफल और कई जरूरी दस्तावेज भी मिले हैं।

पुलिस को आतंकवादियों (Terrorists) के मददगारों के सक्रिय होने की सूचना मिली थी। जिसके आधार पर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की ज्वाइंट टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

श्रीनगर के नौगाम इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है। इस बीच जवानों ने एक आतंकी (Terrorist) को मार गिराया है

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने कश्मीर में बैठे अपने गुर्गों के जरिए आतंकी हमले की रणनीति में लगातार बदलाव कर रहा है। उसके निशाने पर कम उम्र के स्थानीय कश्मीरी नौजवान हैं।

26-27 मार्च को बांग्लादेश में पीएम मोदी की दो दिवसीय यात्रा को लेकर हिफाजत के समर्थकों द्वारा की गई हिंसा के दौरान हाटहाजारी में 4 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी।

डासना मंदिर के महंत नरसिंहानंद एक विशेष जाति समुदाय के निशाने पर हमेशा रहते हैं। यही कारण भी रहा कि उन्हें इससे पहले भी पीसीआई से जान से माने की धमकी मिल चुकी है।

अहमद 30 जून‚ 2007 को ब्रिटेन के ग्लासगो हवाईअड्डे पर फिदायीन हमला मामले में भी आरोपी है। उसे 20 अगस्त‚ 2020 को सऊदी अरब से प्रत्यर्पित किया गया था

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