कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत की तीनों सेनाओं ने झोंकी अपनी ताकत- राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने लिखा कि थल सेना, नौसेना और वायु सेना किस तरह से देशवासियों की जान बचाने में लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस वायरस से निपटने के लिए सेना को आपात वित्तीय शक्तियां दी गई हैं

Rajnath Singh

देश में कोरोना के कहर के खिलाफ किस तरह से जल, थल और स्थल से लड़ाई चल रही है, इसके बारे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक ब्लॉग लिखकर जानकारी दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defense Minister Rajnath Singh) ने कहा कि भारत की सशस्त्र सेनाएं, रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (DRDO) और नेशनल कैडेट कोर जैसे संगठन देश में कोरोना संक्रमण बढ़ने से लोगों को पेश आने वाली परेशनियों को दूर करने में जुटे हैं।

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने अपनी वेबसाइट पर ब्लॉग पोस्ट में कोविड से मुकाबला करने से संबंधित नई सुविधाएं स्थापित करने, स्वास्थ्य पेशेवरों की तैनाती जैसे कार्यों का जिक्र किया, जो रक्षा मंत्रालय से जुड़े संगठनों द्वारा किए गए हैं।

राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने लिखा कि थल सेना, नौसेना और वायु सेना किस तरह से देशवासियों की जान बचाने में लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस वायरस से निपटने के लिए सेना को आपात वित्तीय शक्तियां दी गई हैं, ताकि कमांडरों को पृथकवास केन्द्र से लेकर अस्पताल बनाने तक कोई भी सामान खरीदने के लिए असुविधा का सामना न करना पड़े।

राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) के अनुसार, डीआरडीओ, कैंटोनमेंट बोर्ड, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा जैसे विभिन्न रक्षा संगठनों ने कोविड अस्पताल स्थापित किए हैं| जरूरत के हिसाब से बड़े शहरों में सशस्त्र बलों से जुड़े अस्पतालों की व्यवस्थाएं बढ़ाई जा रही हैं। दिल्ली, लखनऊ, बेंगलुरू और पटना से शुरुआत की गई है और राज्य सरकारों के अनुरोध पर और जगह भी शुरुआत की जाएगी।

रक्षा मंत्री के मुताबिक, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा की तरफ से कई अस्पतालों में डॉक्टरों, विशेषज्ञों और अर्द्ध स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की गई है। इस संस्था में शॉर्ट सर्विस कमिशन पर काम कर रहे 238 डॉक्टरों को 31 दिसम्बर तक सेवा विस्तार दे दिया गया है। सेना ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और लखनऊ में 100-100 बिस्तर तैयार किए हैं।

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