Odisha: एंटी-नक्सल अभियान में पुलिस ने बरामद किया गोला-बारूद और हथियारों का जखीरा

जनवरी, 2020 में ओडिशा में पुलिस के द्वारा धुर नक्सल प्रभावित स्वाभिमान अंचल के इलाके में नक्सलियों (Naxals) के खिलाफ एक बड़ा ऑपरेशन लॉन्च किया गया था। यह ओडिशा पुलिस, बीएसएफ, सीआरपीएफ की कोबरा टीम और आंध्र प्रदेश पुलिस का ज्वॉइंट ऑपरेशन था।

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Odisha: एंटी-नक्सल अभियान में पुलिस ने बरामद किया गोला-बारूद और हथियारों का जखीरा

जनवरी महीने में ओडिशा में पुलिस के द्वारा धुर नक्सल प्रभावित स्वाभिमान अंचल के इलाके में नक्सलियों (Naxals) के खिलाफ एक बड़ा ऑपरेशन लॉन्च किया गया था। यह ओडिशा पुलिस, बीएसएफ (BSF), सीआरपीएफ (CRPF) की कोबरा टीम और आंध्र प्रदेश पुलिस का ज्वॉइंट ऑपरेशन था। यह अभियान इस इलाके में नक्सलियों के खिलाफ अब तक चलाए गए बड़े अभियानों में से एक था।

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अभियान में शामिल जवान और बरामद हथियारों का जखीरा।

जनवरी महीने में ओडिशा में पुलिस के द्वारा धुर नक्सल प्रभावित स्वाभिमान अंचल के इलाके में नक्सलियों (Naxals) के खिलाफ एक बड़ा ऑपरेशन लॉन्च किया गया था। यह ओडिशा पुलिस, बीएसएफ (BSF), सीआरपीएफ (CRPF) की कोबरा टीम और आंध्र प्रदेश पुलिस का ज्वॉइंट ऑपरेशन था। यह अभियान इस इलाके में नक्सलियों के खिलाफ अब तक चलाए गए बड़े अभियानों में से एक था।

विकास कार्यों का विरोध करते हैं नक्सली

दरअसल, यह ऑपरेशन समाज की मुख्यधारा से कटे हुए सुदूर इलाकों में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों को सुरक्षा देने के लिए चलाया गया था। सड़क बन जाने से ये इलाके भी अन्य क्षेत्रों से जुड़ जाएंगे, जिससे यहां विकास को गति देना संभव हो पाएगा। पर इन इलाकों में नक्सली विकास कार्यों का विरोध करते हैं। इलाके की बेहतरी के लिए अगर कोई कार्य शुरू किया जाता है तो नक्सली (Naxals) इसे रोकने का भरसक प्रयास करते हैं। इसके लिए वे दहशत फैलाने और हिंसा करने से भी बाज नहीं आते हैं।

निर्माण कार्यों को सुरक्षा देने के लिए सुरक्षाबल चलाते हैं अभियान 

नक्सली हमेशा इन इलाकों में विकास के खिलाफ रहे हैं। वे यहां सरकार की कोई भी विकास योजना नहीं पहुंचने देना चाहते। यही वजह है कि जिन इलाकों में निर्माण कार्य हो रहे हैं, सुरक्षाबल वहां अभियान चलाते रहते हैं ताकि नक्सलियों (Naxals) की ओर से कोई बाधा उत्पन्न न की जा सके। इसी के तहत ओडिशा पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षाबल स्वाभिमान अंचल के इलाके में अभियान चला रहे थे। 

SOG और DVF कमांडोज के साथ हुई नक्सलियों की मुठभेड़

इस दौरान, 15 जनवरी, 2020 को इलाके के गोईगुडा गांव में सुरक्षाबलों का नक्सलियों से सामना हो गया। एसपी के नेतृत्व में ओडिशा पुलिस के एसओजी (SOG) और डीवीएफ (DVF) कमांडोज के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से नक्सलियों के दस्तावेज और अन्य सामान बरामद हुए। बरामद दस्तावेजों से मिली जानकारी के आधार पर ओडिशा पुलिस की एसओजी और डीवीएफ की टीम ने इलाके में गहन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान स्वाभिमान अंचल और आस-पास के इलाकों में किए गए सर्च ऑरपरेशन में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों (Naxals) के शिविर का भांडाफोड़ किया। साथ ही भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और गोला-बारूद भी बरामद किया गया।

बरामद हुए ये हथियार

बरामद हथियारों में 1 इंसास लाइट मशीनगन, 3 इंसास रायफल्स, 3 कार्बाइन स्टेनगन्स, 1 एसएलआर रायफल, 1 .303 रायफल, 1 पिस्टल, 202 राउंड 5.56mm कारतूस, 59 राउंड 7.62mm कारतूस, 42 राउंड 9mm कारतूस, 4 एलएमजी मैगजीन्स, 8 इंसास मैगजीन्स, 2 एसएल आर मैगजीन्स, 6 कार्बाइन मैगजीन्स, 1 .303 मैगजीन, 2 वीएचएफ सेट कम स्कैनर, 1 ऑप्टिकल साइट, विस्फोटक के साथ 1 टिफिन बम, 100 ग्राम गन पाउडर विस्फोटक, 5 बंडल कॉरडेक्स वायर, 1 बंडल फ्लेक्सी वायर और 4 मैगजीन पाउच शामिल हैं। इसके अलावा 1 फ्लैश लाइट सहित अन्य दस्तावेज और नक्सली सामान भी बरामद किए गए।

नक्सलियों ने लूटे थे हथियार!

आशंका जताई जा रही है कि ये सारे हथियार और गोला-बारूद पुलिस और सुरक्षाबलों से लूटे गए थे। हालांकि इस बिंदु पर अभी जांच चल रही है। इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि ये गोला-बारूद और हथियार आंध्रा-ओडिशा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमिटी (ABSZC) के नक्सलियों (Naxals) द्वारा छिपा कर रखे गए थे। फिलहाल, पुलिस और सुरक्षाबल नक्सलियों के खिलाफ इलाके में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। नक्सलियों की हर गतिविधि पर पुलिस की पैनी नजर है।

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