मध्य प्रदेश: राज्य में नेटवर्क मजबूत करने में जुटे नक्सली, जनता की गरीबी और अशिक्षा का उठा रहे फायदा

केंद्र सरकार ने डिंडौरी को नक्सल (Naxalites) प्रभावित जिला घोषित किया। इससे पहले बालाघाट और मंडला इस लिस्ट में शामिल थे।

Naxalites

फाइल फोटो

3 जिलों में नक्सलवाद के पनपने की मुख्य वजह गरीबी और अशिक्षा है। लोग आर्थिक परेशानियों की वजह से भी नक्सली (Naxalites) विचारधारा को फॉलो करने लगते हैं और नक्सली इस बात का भरपूर फायदा उठाते हैं।

भोपाल: मध्य प्रदेश में एक बार फिर नक्सली (Naxalites) खतरे की आहट महसूस होने लगी है। यहां के 3 जिले ऐसे हैं, जहां नक्सलियों ने अपनी गतिविधियों को तेज किया है।

हालही में केंद्र सरकार ने डिंडौरी को नक्सल (Naxalites) प्रभावित जिला घोषित किया। इससे पहले बालाघाट और मंडला इस लिस्ट में शामिल थे।

इन तीनों जिलों में नक्सलवाद के पनपने की मुख्य वजह गरीबी और अशिक्षा है। लोग अपनी आर्थिक परेशानियों की वजह से भी नक्सली विचारधारा को फॉलो करने लगते हैं और नक्सली इस बात का भरपूर फायदा उठाते हैं।

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पुलिस को खुफिया जानकारी मिली है कि नक्सली इन जिलों में अपना नेटवर्क मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं और जनता की गरीबी और अशिक्षा का फायदा उठा रहे हैं।

गौरतलब है कि डिंडौरी का जंगल अमरकंटक से लगा हुआ है, जिसका नक्सलियों को फायदा मिलता है और इस जंगल से वह नक्सली गतिविधियों का खाका तैयार करते हैं।

खबर है कि डिंडौरी जिले की पुलिस को नक्सलियों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे नक्सलवाद पर नकेल कसी जा सके।

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