झारखंड: बाल-बाल बचा 5 लाख का इनामी नक्सली नुनूचंद, गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज

झारखंड के धनबाद में पुलिस और नक्सलियों के बीच 27 फरवरी को मुठभेड़ हुई। इस दौरान कुख्यात इनामी नक्सली नुनूचंद महतो (Naxali Nunoochand Mahato) उर्फ गांधी उर्फ टाइगर बाल-बाल बच गया। पुलिस और नुनूचंद महतो दस्ता के बीच मुठभेड़ के दौरान जबरदस्त फायरिंग हुई। हालांकि, इसमें कोई हताहत नहीं हुआ।

Naxali Nunoochand Mahato
नक्सली नुनूचंद महतो (फाइल फोटो)।

पुलिस को मिली थी खुफिया सूचना: दरअसल, 27 फरवरी की सुबह पुलिस को नैरो गांव में  इनामी नक्सली नुनूचंद महतो (Naxali Nunoochand Mahato) की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर ग्रामीण एसपी अमित रेणु के नेतृत्व में सीआरपीएफ तथा तोपचांची थाने की पुलिस इलाके में पहुंची। नैरो गांव को घेरकर सर्च अभियान शुरू किया गया। जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ की टुकड़ियों ने पारसनाथ पहाड़ के गिरिडीह और धनबाद के तोपचाची क्षेत्र में घेराबंदी कर दी।

पुलिस के आने की लग गई भनक: जानकारी के मुताबिक, दोपहर लगभग 1:00 बजे पुलिस उस जगह पहुंच गई थी जहां नुनूचंद महतो (Naxali Nunoochand Mahato) और उसके साथी थे। लेकिन, तभी नक्सलियों को पुलिस के आने की भनक लग गई। पुलिस को अचानक आता देख नक्सली जवानों पर गोलियां चलाते हुए भागने लगे। सूत्रों के अनुसार, पुलिस नुनूचंद तक पहुंच गई थी, लेकिन पुलिसकर्मी उसे पहचान नहीं सके। इस बीच वह सीआरपीएफ और जिला पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। पुलिस ने काफी दूर तक दस्ते का पीछा भी किया, पर नुनूचंद हाथ नहीं आया।

चंदा इकट्ठा करने आया था नुनूचंद: जानकारी के अनुसार, नुनूचंद एक कार्यक्रम के लिए चंदा इकट्ठा करने इस इलाके में आया था। इस दौरान वह खाना खाने के लिए जीटी रोड से उत्तर गिरिडीह और धनबाद जिले के सीमावर्ती इलाके नेरो में चेक डैम के पास रुका था। तभी पुलिस वहां पहुंच गई। इस दौरान धनबाद ग्रामीण एसपी अमित रेणु, डीएसपी नितिन खंडेवाल, थानेदार सुरेश मुंडा और सीआरपीएफ के दस्ते ने नेरो गांव और पहाड़ी को पुलिस छावनी के रूप में तब्दील कर दिया। जवानों ने नुनूचन्द को चारों तरफ से घेर लिया।

खुद को घिरा हुआ देख पुलिस पर कर दी फायरिंग: खुद को घिरा हुआ देख नुनूचंद (Naxali Nunoochand Mahato) ने फायरिंग शुरू कर दी एवं फायर करते हुए सुरक्षाबलों को चकमा देकर घने जंगलों में ओझल हो गया। धनबाद ग्रामीण के एसपी अमित रेणु के मुताबिक, “तोपचांची में नुनुचंद के दस्ते की मौजूदगी की सूचना पुलिस को मिली थी। तब सीआरपीएफ के साथ पुलिस पहुंची। पुलिस के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ भी हुई। दोनों ओर से गोली भी चली, लेकिन जंगल का फायदा उठाकर नुनुचंद अपने साथियों के साथ भाग गया। पुलिस अभी भी सर्च ऑपरेशन में जुटी है।”

5 लाख का है इनामी: बता दें कि कुख्यात इनामी नक्सली नुनूचंद महतो (Naxali Nunoochand Mahato) उर्फ गांधी उर्फ टाइगर गिरिडीह धनबाद और बोकारो जिले के कई थानों में नक्सली कांडों में संलिप्त रहा है। पुलिस के लिए वह सिरदर्द बना हुआ है। झारखंड पुलिस ने उस पर 5 लाख का इनाम रखा है।

बुढ़ा हो चुका है नुनूचंद, पहचानने में हो रही परेशानी: सूत्रों के अनुसार, नुनूचंद अब बुढ़ा हो चुका है। पुलिस के पास जो फाइल फोटो है, वह काफी पहले की है,। यही वजह है कि उसे पहचानना अब थोड़ा मुश्किल है। हालांकि, पुलिस नुनूचंद की जोर-शोर से तलाश कर रही है। सूत्र बताते हैं कि नक्सली नुनूचंद (Naxali Nunoochand Mahato) को नहीं पहचान पाने की वजह से वह पुलिस के हाथ नहीं आया।

गिरिडीह-धनबाद का सीमावर्ती क्षेत्र है नक्सलियों का सेफ जोन: हालांकि, पुलिस अपनी तरफ से नक्सली नुनूचंद को पकड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। बता दें कि पारसनाथ पहाड़ी की श्रृंखला और जंगली इलाका होने के साथ ही गिरिडीह तथा धनबाद जिले की सीमा होने का लाभ नक्सली हमेशा उठाते हैं। टुंडी, तोपचांची, राजगंज, हरिहरपुर थाना क्षेत्र नक्सलियों का सेफ जोन है, जहां पुलिस को चकमा देकर नक्सली अक्सर छिप जाते हैं।

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