राकेश कुमार सिंह भदौरिया बने भारतीय वायुसेना के नए चीफ, बीएस धनोआ की लेंगे जगह

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सरकार ने अगले वायुसेना चीफ के रूप में आरकेएस भदौरिया के नाम पर मुहर लगा दी है।

सरकार ने एयर मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया को वायुसेना का नया प्रमुख घोषित किया है। वर्तमान में आरकेएस भदौरिया वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ हैं। वे मौजूदा चीफ ऑफ एयर स्टाफ बीएस धनोआ की जगह लेंगे। धनोआ 30 सितंबर को रिटायर होने वाले हैं। वो राफेल फाइटर जेट को उड़ाने वाले वायुसेना के पहले पायलट हैं। भदौरिया ने फ्रांस के साथ ‘राफेल’ सौदे को अंतिम रूप देने में अहम भूमिका निभाई थी। वायुसेना प्रमुख पद के लिए पांच वरिष्ठ अधिकारियों के नाम की चर्चा थी। इनमें भदौरिया के अलावा दक्षिणी वायु कमान के प्रमुख एयर मार्शल बी सुरेश, पश्चिमी कमान के प्रमुख आर नांबियार, दक्षिण-पश्चिमी कमान के प्रमुख एचएस अरोड़ा और मध्य कमान के प्रमुख एयर मार्शल राजेश कुमार शामिल हैं।

सेवानिवृत्ति से ठीक पहले किसी एयर मार्शल को वायुसेना प्रमुख बनाने का यह दूसरा मामला है। 31 जुलाई, 1991 को जब तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एसके मेहरा सेवानिवृत्त हुए थे तो एयर मार्शल एनसी सूरी को वायुसेना की कमान सौंपी गई। रक्षा मंत्रालय के मुख्य प्रवक्ता के मुताबिक, सरकार ने अगले वायुसेना चीफ के रूप में भदौरिया के नाम पर मुहर लगा दी है। एयर मार्शल भदौरिया को 26 तरह के फाइटर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट उड़ाने में महारथ हासिल है। उनको 4250 घंटे तक फाइटर विमान और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट उड़ाने का अनुभव है। एयर मार्शल भदौरिया को परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM), वायु सेवा मेडल (VM) और एडीसी से भी सम्मानित किया जा चुका है।

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इससे पहले वो जगुआर स्क्वाड्रन कमांड, प्रीमियर एयर फोर्स स्टेशन, कमांडिंग अफसर ऑफ फाइट टेस्ट स्क्वाड्रन समेत कई जिम्मेदारियों को संभाल चुके हैं। एयर मार्शल भदौरिया ट्रेनिंग कमांड के एयर अफसर कमांडिंग इन चीफ भी रह चुके हैं। राकेश कुमार सिंह भदौरिया का जन्म आगरा के पास के गांव कोरथ में हुआ था। वह नेशनल डिफेंस अकेडमी (एनडीए) , पुणे के पूर्व छात्र रह चुके हैं। उन्होंने बांग्लादेश के कमांड एंड स्टाफ कॉलेज से डिफेंस स्टडीज में मास्टर डिग्री हासिल की है। भदौरिया की पत्नी का नाम आशा भदौरिया है। उनके एक बेटी और एक बेटा हैं। जब भदौरिया छोटे थे तो अपने दादाजी को कहा करते थे कि वह एक दिन पायलट बनेंगे और आप मुझे जहाज उड़ाता देख पाएंगे।

उनके दादाजी शोबरन सिंह ब्रिटिश सेना में थे और विश्व युद्ध 2 में अपनी सेवाएं दी थीं। उनके पिता सूरज पाल सिंह भदौरिया वायु सेना में अपनी सेवाएं मास्टर वारंट ऑफिसर के पद पर दे चुके हैं। उनके चाचा अरविंद कुमार सिंह आर्मी में थे। उनके दो चचेरे भाई अवनीश और विपिन भदौरिया इंडियन आर्मी में अपनी सेना दे रहे हैं। आरकेएस भदौरिया की बेटी सोनाली भी वायु सेना में पायलट हैं। वायुसेना में भदौरिया ने अपने करियर की शुरुआत साल 1980 में की थी। भदौरिया को 15 जून, 1980 में वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन दिया गया था। उनको प्रतिष्ठित स्वॉर्ड ऑफ ऑनर पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है।

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