अंतरिक्ष में कारनामा करने वाली भारतीय मूल की उड़नपरी सुनीता

Sunita Williams Birthday : सितंबर का महीना अंतरिक्ष अभियान से जुड़ा हुआ महीना है। एक तरफ जहां भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO अपने चंद्रयान 2 मिशन में 95 फीसदी सफल रहा तो वहीं दूसरी तरफ आज ही के दिन भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स का जन्मदिन भी है। सुनीता ऐसी दूसरी भारतीय महिला हैं जिन्हें अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने अंतरिक्ष में शोध के लिए भेजा है। सुनीता के नाम सबसे ज्यादा 195 दिन अंतरिक्ष में रहने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। सुनीता भारतीय बेटियों के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं।

Sunita Williams

सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) का पूरा नाम सुनीता लिन पांड्या विलियम्स है। सुनिता का जन्म 19 सितंबर 1965 को अमेरिका के ओहियो प्रांत के यूक्लिड में हुआ था। इनके पिता डॉक्टर दीपक पांड्या मूल रूप से गुजरात के अहमदाबाद के रहने वाले हैं और साल 1958 में ही अहमदाबाद से अमेरिका आकर बस गए। सुनिता की माता का नाम उर्सुलीन बोनी पांड्या है और स्लोवेनिया मूल की हैं। तीन भाई बहनों में सुनीता सबसे छोटी हैं और बचपन से ही काफी मेधावी रही हैं। सुनिता ने इंजीनियरिंग करने के बाद अमेरिकी सेना में करियर बना लिया। सेना में अपनी नौकरी के दौरान सुनिया ने कई तरह के हवाई ट्रेनिंग ली और अमेरिका के बाहर भी तैनात रहीं।

इतिहास में आज का दिन – 19 सितंबर

अमेरिकी सेना में कई साल सेवाएं देने के बाद सुनीता को यूएस नेवल टेस्ट पायलट स्कूल में प्रशिक्षण का कार्य सौंपा गया। इसके बाद सेना में सुनीता (Sunita Williams) का आखिरी पड़ाव यूएसएस सैपान था जहां पर उन्हें असिस्टेंट एयर बॉस की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस पद से सुनीता का चयन NASA के अंतरिक्ष मिशन के लिए हुआ। साल 1998 में NASA के जॉनसन स्पेस सेंटर में सुनीता की ट्रेनिंग शुरू हुई। कई साल ट्रेनिंग के बाद सुनीता को NASA के डिस्कवरी स्पेसक्राफ्ट से अंतरिक्ष स्टेशन भेजने का फैसला लिया गया। 9 दिसंबर, 2006… यही वो दिन था जब सुनीता को NASA के अंतरर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र में भेजा गया। अंतरिक्ष में 195 दिन गुजारने के बाद 22 जून, 2007 को वो सुरक्षित पृथ्वी पर वापस लौट आईं। ये दिन अमेरिकियों के साथ-साथ भारतीयों के लिए भी गौरव का पल था। सुनीता ने अपने हौसलों से ये साबित कर दिया था कि बेटियां आज के समय में किसी भी बड़ी से बड़ी चुनौती  का सामना डटकर कर सकती हैं। अंतरिक्ष से सकुशल वापस लौट के आने के कुछ साल बाद सुनीता अपने पैतृक घर अहमदाबाद के झूलासठ भी आईं। यहां पर वो अपनी कुलदेवी दौला माता के दर्शन भी किए। इस दौरान ग्रामीणों से सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) का इतना भव्य स्वागत किया कि सुनीता भावुक हो गईं और उन्होंने कहा कि उन्हें गुजराती होने पर गर्व है।

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