छत्तीसगढ़: नक्सलियों की कायराना करतूत, सुकमा और नारायणपुर जिले में की 2 युवकों की हत्या

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में सरकार और प्रशासन की सख्ती के चलते नक्सलियों (Naxals) का वर्चस्व कमजोर हो रहा है। सुरक्षाबल लगातार नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।

Naxals

सांकेतिक तस्वीर।

अब नक्सल प्रभावित इलाके (Naxal Area) के लोग भी खुलकर नक्सलियों (Naxals) के खिलाफ सामने आ रहे हैं। यह नक्सलियों के लिए बड़ी हार है। ऐसे में नक्सली बौखला गए है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में सरकार और प्रशासन की सख्ती के चलते नक्सलियों (Naxals) का वर्चस्व कमजोर हो रहा है। सुरक्षाबल लगातार नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। एंटी नक्सल अभियानों के तहत नक्सिलयों की गिरफ्तारी हो रही, वे सरेंडर कर रहे या फिर एनकाउंटर में मारे जा रहे हैं। साथ ही पुलिस प्रशासन की कोशिशों से लोगों का विश्वास मजबूत हुआ है।

अब नक्सल प्रभावित इलाके (Naxal Area) के लोग भी खुलकर नक्सलियों के खिलाफ सामने आ रहे हैं। यह नक्सलियों के लिए बड़ी हार है। ऐसे में नक्सली बौखला गए है। बौखलाहट में आकर वे आम लोगों में दहशत पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए वे गांव वालों की हत्या भी करने लगे हैं। इसी बौखलाहट में नक्सलियों (Naxals) ने दो युवकों की हत्या कर दी है।

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सुकमा (Sukma) जिले में एक युवक को नक्सलियों (Naxalites)  ने 22 सितंबर को मार डाला। जानकारी के अनुसार, सुकमा जिले के कुंदेड़ गांव के रहने वाले उइका हुंगा का शव 22 सितंबर की शाम कुंदेड़ और मिस्सीगुड़ा के बीच मिला है। उसके गले पर धारदार हथियार के गहरे जख्म थे। शव के पास नक्सली पर्चा भी मिला। नक्सली पर्चे में हुंगा पर गांव के युवकों को नक्सलियों के खिलाफ भड़काने का आरोप लगाया गया है।

बता दें कि करीब पांच साल पहले हुंगा के पिता की भी नक्सलियों (Naxals) ने हत्या कर दी थी।उधर, नारायणपुर जिले में पखवाड़े भर पहले एक युवक को मार डालने की सूचना अब सार्वजनिक हुई है। दहशत के चलते स्वजनों ने पुलिस को इसकी सूचना ही नहीं दी थी। जानकारी के मुताबिक, नारायणपुर जिले के मंडाली गांव में नक्सलियों द्वारा जनअदालत लगाकर मिंडरूराम की हत्या करने का मामला सामने आया है।

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नक्सली (Naxals) पहले उसे अगवा कर भटबेड़ा के जंगल में ले गए थे। बाद में मुखबिरी का आरोप लगाकर उसकी पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई। करीब एक पखवाड़ा पुरानी इस वारदात की नक्सलियों की धमकी के चलते पुलिस को जानकारी तक नहीं दी गई थी। मिंडरूराम के पिता को भी नक्सलियों ने एक साल पहले मार डाला था।

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एएसपी जयंत वैष्णव के मुताबिक, मामले की पुष्टि के लिए पुलिस मंडाली जाएगी। बता दें कि नक्सल गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस ने नए सिरे से तैयारी की है। विशेष केंद्रीय सहायता मद से जिले के चारों ब्लॉक मुख्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। यह कैमरे चौराहों, अस्पताल, बस स्टैंड, भीड़-भाड़ वाले इलाकों के साथ-साथ जंगल में बसे अंदरूनी गांवों के हाट-बाजारों में भी लगाए जा रहे हैं। इससे नक्सलियों (Naxals) की नकेल कसने में मदद मिलेगी।

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