छत्तीसगढ़: बीजापुर हमले के बाद नक्सलियों को सता रहा सुरक्षाबलों का डर, फैलाया एयर स्ट्राइक का प्रोपगेंडा

नक्सलियों (Naxalites) का कहना है कि बीजापुर में हुए नक्सली हमले के 18 दिन बाद सुरक्षाबलों ने इस नक्सली इलाके में एयर स्ट्राइक की है।

Naxalites

Naxalites

नक्सलियों (Naxalites) की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के प्रवक्ता विकल्प ने प्रेस नोट जारी कर इस बात का दावा किया था कि सुरक्षाबलों की ओर से एयर स्ट्राइक की गई और 19 अप्रैल को हेलिकॉप्टर और ड्रोन से बम गिराए गए।

बीजापुर: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों (Naxalites)  के खिलाफ अभियान जारी है। इस बीच नक्सली द्वारा प्रोपगेंडा फैलाने की खबर सामने आई है।

नक्सलियों का कहना है कि बीजापुर में हुए नक्सली (Naxalites) हमले के 18 दिन बाद सुरक्षाबलों ने इस नक्सली इलाके में एयर स्ट्राइक की है और ड्रोन के जरिए 12 बम गिराए हैं। नक्सलियों ने जमीन में हुए गड्ढों की फोटो भी जारी की हैं।

जबकि सच्चाई ये है कि पुलिस विभाग ने ऐसी किसी खबर की पुष्टि नहीं की है और CRPF ने भी एयर स्ट्राइक की बात को पूरी तरह नकार दिया है। CRPF का कहना है कि नक्सली जनता की सहानुभूति पाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले के बाद उठ रहे हैं कई सवाल, इन मुद्दों पर है सोचने की जरूरत

बता दें कि नक्सलियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के प्रवक्ता विकल्प ने प्रेस नोट जारी कर इस बात का दावा किया था कि सुरक्षाबलों की ओर से एयर स्ट्राइक की गई और 19 अप्रैल को हेलिकॉप्टर और ड्रोन से बम गिराए गए। लेकिन नक्सलियों ने अपना ठिकाना बदल लिया और बच गए। नक्सलियों का कहना है कि ये एयर स्ट्राइक पामेड़ क्षेत्र के बोत्तालंका और पाला गुडेम गांव में हुई।

वहीं एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये एक प्रोपगेंडा हो सकता है क्योंकि बीजापुर के नक्सली इलाकों के जंगल इतने घने हैं कि वहां एयर स्ट्राइक नहीं की जा सकती। और जो जगहें यहां खुली हुई हैं, वहां ग्रामीण और आदिवासी रहते हैं।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

यह भी पढ़ें