पुलिस ने नक्सलियों के 7 सहयोगियों को पकड़ा और फिर छोड़ दिया पर रखी यह शर्त…

नक्सलियों (Naxals) के लिए काम करने वालों को पकड़ने के बाद उन्हें गिरफ्तार करने की खबर आपने कई बार सुनी है। लेकिन यह शायद पहला मौका है जब पुलिस (Police) ने 7 नक्सलियों को पकड़ने के बाद उन्हें छोड़ दिया।

Naxals

पहला मौका है जब पुलिस ने 7 नक्सलियों को पकड़ने के बाद उन्हें छोड़ दिया। (सांकेतिक तस्वीर)

नक्सलियों (Naxals) के लिए काम करने वालों को पकड़ने के बाद उन्हें गिरफ्तार करने की खबर आपने कई बार सुनी है। लेकिन यह शायद पहला मौका है जब पुलिस (Police) ने 7 नक्सलियों को पकड़ने के बाद उन्हें छोड़ दिया। दरअसल, बीते रविवार (24 मई) को छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दंतेवाड़ा (Dantewada) के जियाकोड़ता में जवानों ने 7 संदिग्धों कोवासी हड़मे, माड़वी पेद्दा, बामन मड़कामी, बसंती माड़वी, गंगा मंडावी, माड़वी सन्नू व माड़वी मंगू को पकड़ा।

पकड़े जाने के बाद पुलिस उन्हें सोमवार (25 मई) को दंतेवाड़ा लेकर तो आई लेकिन उन्हें इस शर्त पर रिहा कर दिया गया कि वो पुलिस के लिए काम नहीं करना चाहते हैं तो गांव में भी रह सकते हैं, बशर्ते उन्हें लिखित में देना होगा कि दोबारा नक्सलियों (Naxals) के लिए काम नहीं करेंगे और सरपंच जिम्मेदारी ले।

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बताया जा रहा है कि पकड़े गए लोगों में कोवासी हड़मे और सन्नू माड़वी मंगेतर हैं। कोवासी हड़मे पर एक लाख का इनाम है। तब भी पुलिस ने इसे छोड़ दिया। सन्नू व हड़मे ने पुलिस को बताया कि दोनों की मंगनी हो गई है और वो अब शादी करना चाहते हैं। हड़मे ने कहा कि ‘हम शादी करेंगे, घर बसाएंगे। बच्चों को पढ़ा लिखाकर अच्छा इंसान बनाएंगे।’

एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया पकड़े गए नक्सलियों (Naxals) में एक महिला 1 लाख की इनामी, 1 केएएमएस सदस्य व 5 जनमिलिशिया सदस्य हैं। कई नक्सली इस भय से सरेंडर नहीं करना चाहते हैं कि पुलिस में काम करना पड़ेगा। उनके लिए भी विकल्प खोले हैं। सरेंडर के बाद यदि घर में खेती करना चाहते है तो कर सकते हैं।

हालांकि, यहां पुलिस ने साफ किया है कि अगर पकड़े गए लोग दोबारा नक्सलियों (Naxals) के लिए काम करते पाए गए तो उनपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पकड़े गए नक्सलियों ने ‘दैनिक भास्कर’ से बातचीत के दौरान बताया कि उन्हें मजबूरी में ‘लाल आतंक’ का साथ देना पड़ता है। इन्होंने यह भी खुलासा किया कि गांव में नक्सली (Naxali) आते हैं, सड़क खोदने, पुल तोड़ने और पर्चे फेंकने का दबाव डालते हैं।

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