बिहार: नवादा में 3 नक्सली गिरफ्तार, पुलिस पर फायरिंग कर हो गए थे फरार

बिहार के नवादा जिले के जिले के रजौली थाना क्षेत्र के जमुंदाहा गांव में 21 मई को पुलिस (Police) और एसएसबी (SSB) की टीम ने छापेमारी कर सालों से फरार चल रहे तीन नक्सलियों (Naxalites) को गिरफ्तार कर लिया।

Naxalites

पुलिस की गिरफ्त में फरार नक्सली।

बिहार के नवादा जिले के जिले के रजौली थाना क्षेत्र के जमुंदाहा गांव में 21 मई को पुलिस (Police) और एसएसबी (SSB) की टीम ने छापेमारी कर सालों से फरार चल रहे तीन नक्सलियों (Naxalites) को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार नक्सलियों में जमुंदाहा निवासी खड़धारी सिंह, राजकुमार सिंह और सरपंच सिंह शामिल हैं।

छापेमारी टीम का नेतृत्व एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट जयंत वोरा ने किया। पुलिस के मुताबिक, एसएसबी के कमांडेंट राजेश कुमार के निर्देश पर रजौली थानाध्यक्ष सुजय विद्यार्थी के सहयोग से जमुंदहा गांव में कार्रवाई की गई। पुलिस पर हमला करने के मामले में तीनों नक्सली (Naxals) फरार चल रहे थे। पूछताछ के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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दरअसल, 28 मार्च, 2008 में रजौली पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के जमुंदाहा के जंगलों में नक्सलियों (Naxalites) के द्वारा अफीम की खेती की जा रही है। सूचना के आलोक में उक्त स्थान पर छापेमारी के लिए तत्कालीन एसपी के नेतृत्व में पुलिस बल के जवानों के साथ टीम बनाई गई थी।

जैसे ही गांव के नजदीक जवानों की टीम पहुंची, अफीम की खेती कर रहे हथियारबंद नक्सलियों द्वारा फायरिंग शुरू कर दी गई थी। पुलिस ने मोर्चा संभाल कर जवाबी फायरिंग दी। दोनों तरफ से दर्जनों राउंड गोलियां चलीं थीं। जिसके बाद नक्सली वहां से भाग खड़े हुए थे। पुलिस ने सभी अफीम के पौधे को नष्ट कर दिया था। इसी मामले में ये तीनों नामजद थे औक काफी समय से फरार चल रहे थे।

बता दें कि जिला पुलिस, एसएसबी (SSB) और एसटीएफ (STF) द्वारा इन दिनों लगातार नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। पुराने कैडरों को ढूंढ-ढूंढ कर गिरफ्तार किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इन दिनों नक्सली कमांडर प्रद्युम्न शर्मा नक्सली संगठन (Naxal Organization) के पुराने सदस्यों को फिर से संगठन में जगह देकर उन्हें एक्टिव करने के लिए संपर्क साधने में लगा हुआ है। नक्सली कमांडर (Naxali Commander) की हर चाल पर खुफिया विभाग की कड़ी नजर है। नक्सलियों (Naxalites) की धर-पकड़ तेज कर दी गई है, ताकि नक्सली कमांडर अपने मंसूबों में कामयाब न हो सके।

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