बिहार: औरंगाबाद-गया सीमा पर मुठभेड़, जान बचाकर जंगल में भागे नक्सली

बिहार के औरंगाबाद-गया जिले के सीमावर्ती क्षेत्र के लुटुआ थाना क्षेत्र के जंगलों में 5 जून को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और जिला पुलिस की नक्सलियों के साथ मुठभेड़ (Naxal Encounter) हुई। इस दौरान दोनों ओर से करीब घंटे भर लगातार फायरिंग हुई।

Naxal Encounter

फाइल फोटो।

बिहार के औरंगाबाद-गया जिले के सीमावर्ती क्षेत्र के लुटुआ थाना क्षेत्र के जंगलों में 5 जून को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और जिला पुलिस की नक्सलियों के साथ मुठभेड़ (Naxal Encounter) हुई। इस दौरान दोनों ओर से करीब घंटे भर लगातार फायरिंग हुई। लेकिन इसमें किसी के हताहत होने की  खबर नहीं है। जंगली इलाका होने के कारण नक्सली मौका पाकर फरार हो गए।

फायरिंग बंद होने के बाद सर्च अभियान चलाया गया, जिसमें कई अत्याधुनिक हथियारों की गोली के खोखे मिले। इसके अलावा खाने-पीने का सामान, नक्सली साहित्य, मोबाइल फोन और अन्य सामग्री बरामद की गई। जानकारी के अनुसार, नक्सलियों (Naxalites) का दो दस्ता इस मुठभेड़ (Naxal Encounter) में शामिल था, जिसमें करीब 40 की संख्या में नक्सली थे।

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एसएसपी राजीव मिश्रा के मुताबिक, आम दिनों की तरह सीआरपीएफ (CRPF) और पुलिस का सर्च अभियान चलाया जा रहा था। डुमरिया और सुहैल के सीआरपीएफ (CRPF) की 159वीं और 149वीं बटालियन के जवान लुटुआ के भुसिया के जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। जंगल में छिपे नक्सलियों ने पुलिस को देख फायरिंग शुरू कर दी।

इसके बाद जवानों ने मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ (Naxal Encounter) में जवानों को भारी पड़ता देख नक्सली (Naxali) वहां से पीछे खिसक गए और जान बचाकर जंगल में भाग निकले। सुरक्षाबल के जवानों ने नक्सलियों (Naxals) के बनाए कैंप को ध्वस्त कर दिया है।

मौके से भारी मात्रा में नक्सली दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिनमें 9 मोबाइल, एक वॉकी टॉकी, खाने पीने के सामान और एके-47, एसएलआर व इंसास राइफल के गोली के खोखे के साथ नक्सलियों के उपयोग के अन्य सामान बरामद हुए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नक्सलियों का दस्ता मीटिंग के लिए जंगल में पर इकट्ठा हुआ था। नक्सलियों (Naxals) की धरपकड़ के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

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