झारखंड: लोहरदगा में अभियान तेज, अब बच नहीं पाएंगे नक्सली

झारखंड (Jharkhand) के लोहरदगा जिले के किस्को थाना क्षेत्र के पाखर बॉक्साइट माइंस में भाकपा माओवादी द्वारा 11 वाहनों को जलाने और तीन वाहनों में तोड़फोड़ की घटना के बाद पुलिस-प्रशासन ने नक्सलियों (Naxalites) की धर-पकड़ तेज कर दी है।

Naxalites

फाइल फोटो।

झारखंड (Jharkhand) के लोहरदगा जिले के किस्को थाना क्षेत्र के पाखर बॉक्साइट माइंस में भाकपा माओवादी द्वारा 11 वाहनों को जलाने और तीन वाहनों में तोड़फोड़ की घटना के बाद पुलिस-प्रशासन ने नक्सलियों (Naxalites) की धर-पकड़ तेज कर दी है। नक्सलियों द्वारा बीकेबी और बालाजी के 11 वाहनों में आग लगाने और तीन वाहनों में तोड़फोड़ कर करोड़ों रुपये की क्षति पहुंचाने के बाद पुलिस ने अब नक्सलियों (Naxals) को दबोचने के लिए जंगली-पहाड़ी क्षेत्र में छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है।

पाखर में नक्सली घटना के बाद 4 जून को रांची रेंज के डीआइजी अखिलेश कुमार झा लोहरदगा पहुंचे। डीआइजी ने किस्को थाना पहुंचकर एसपी प्रियंका मीणा, अभियान एसपी विवेकानंद सिंह और संबंधित अफसरों से नक्सली वारदात के बारे में पूरी जानकारी ली।

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साथ ही एसपी प्रियंका मीणा को नक्सलियों (Naxalites) की धरपकड़ को लेकर सतर्कता के साथ छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया। जिसके बाद नक्सली विरोधी अभियान में जिला पुलिस बल के साथ सीआरपीएफ (CRPF) की टीम को लगाया गया। इसके बाद से जिला पुलिस बल के साथ अ‌र्द्धसैनिक बलों की टीमें भी अलग-अलग टुकड़ियों में बंटकर नक्सलियों को घेरने में जुट गए हैं।

भाकपा माओवादी के रिजनल कमांडर और 15 लाख के इनामी उग्रवादी रविद्र गंझू के दस्ते को घेरने के लिए अलग-अलग इलाकों में सुरक्षाबलों की टीमें अभियान चला रही है। जंगली-पहाड़ी इलाकों में अभियान के लिए दक्ष जवान पूरी सक्रियता के साथ माओवादियों को घेरने में जुट गए हैं। अब नक्सलियों (Naxalites) की हर रणनीति का जवाब देने के लिए सुरक्षाबल के जवान पूरी तत्परता के साथ काम कर रहे हैं।

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इस अभियान में बम निरोधक दस्ता और गोरिल्ला युद्ध में माहिर जवानों को भी लगाया गया है। जिससे नक्सली (Naxali) जंगली और पहाड़ी इलाकों का फायदा उठाकर बच निकलने में कामयाब न हो सकें। एसपी प्रियंका मीणा पूरे अभियान का नेतृत्व करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है ताकि अभियान में कोई चूक न हो।

लोहरदगा-गुमला और लातेहार जिले के ज्यादातर हिस्सों में जंगल और पहाड़ होने से नक्सलियों (Naxalites) को छिपने में मदद मिलती रही है। किस्को थाना क्षेत्र में माओवादियों का दस्ता इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर अपनी जान बचाने में कामयाब होता रहा है। हालांकि, पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने भी पूरी तैयारी के साथ नक्सलियों के विरुद्ध सर्च अभियान चला रखा है। पुलिस (Police) और सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के लिए नक्सली लैंडमाइन भी लगा सकते हैं। ऐसे में पुलिस बल के जवान पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। इस बार नक्सलियों को भागने का मौका नहीं दिया जाएगा।