झारखंड: लॉकडाउन में पूर्व नक्सली को SSB ने पहुंचाई मदद, दवाईयां और राशन पानी देकर पेश की मिसाल

सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है। एक पूर्व नक्सली की मदद कर सुरक्षा बल के जवानों ने दुर्दांत नक्सलियों को समाज का आईना दिखा दिया है।

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सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है। एक पूर्व नक्सली की मदद कर सुरक्षा बल के जवानों ने दुर्दांत नक्सलियों को समाज का आईना दिखा दिया है। मामला झारखंड के दुमका जिले का है। देश भर में अभी कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन का ऐलान किया गया है। इस लॉकडाउन के बीच बद्री राय नाम का एक शख्स दाने-दाने के लिए मोहताज हो गया था। हाल ही में एसएसबी के जवानों ने बद्री राय को खाने-पीने का सामान उपलब्ध कराया है।

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फाइल फोटो।

यहां आपको बता दें कि बद्री राय कभी नक्सलियों (Naxals) का जोनल कमांडर हुआ करता था। संताल परगना में भाकपा माओवाद संगठन के विस्तार में बद्री राय की प्रमुख भूमिका थी। पिछले ही साल पुलिस के साथ मुठभेड़ में 10 लाख रुपए का एक इनामी नक्सली सहदेव राय उर्फ ताला दा मारा गया था। सहदेव राय बद्री राय का छोटा बेटा था।

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बद्री राय ने पहले ही नक्सली विचारधारा को त्याग दिया था। समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के बाद उसकी जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर आ रही थी। बड़ा सरुवापानी गांव के रहने वाले बद्री राय की तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब थी। घर में राशन-पानी की किल्लत भी हो गई थी। जैसे ही इस बात की जानकारी SSB की 35वीं बटालियन को लगी उन्होंने इस पूर्व नक्सली को मदद पहुंचाने का फैसला किया।

इसके बाद एसएसपी के नारगंज कैंप से एसएसबी (SSB) के जवान खाने-पीने का सामान, दवाइयां और अन्य दैनिक इस्तेमाल की चीजें लेकर बद्री राय के पास पहुंचे। एसएसबी के जवानों ने यह सारी चीजें देकर बद्री राय की मदद की। अभी देश में लॉकडाउन है और कई लोगों को इसकी वजह से थोड़ी परेशानी भी उठानी पड़ रही है। ऐसे में देश के बहादुर जवानों ने एक पूर्व नक्सली की मदद कर बेहतरीन मिसाल पेश की है।

हालांकि, लॉकडाउन के बावजूद कई नक्सली इलाकों में हमारे बहादुर जवान अभी भी नक्सलियों (Naxalites) से लोहा ले रहे हैं। एक तरफ यह जवान कोरोना से जंग लड़ रहे हैं तो दूसरी तरफ इस गंभीर संक्रमण को लेकर इन नक्सलियों के बेपरहाव रवैये ने भी उनकी मुश्किलें बढ़ा रखी हैं।

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