नक्सलियों ने गर्भ में ही बच्चे की हत्या कर दी थी, पढें इस पूर्व इनामी महिला नक्सली की दर्दनाक कहानी…

कभी पुलिस को अपना दुश्मन मानने वाली महिला आज अपनी नवजात बच्ची को पुलिस अफसर बनाने का सपना देख रही है। वह चाहती है कि उसकी बच्ची बड़ी होकर संविधान की रक्षा करे और देशहित में काम करे।

Woman Naxali

कभी पुलिस को अपना दुश्मन मानने वाली महिला आज अपनी नवजात बच्ची को पुलिस अफसर बनाने का सपना देख रही है।

कभी पुलिस को अपना दुश्मन मानने वाली महिला आज अपनी नवजात बच्ची को पुलिस अफसर बनाने का सपना देख रही है। वह चाहती है कि उसकी बच्ची बड़ी होकर संविधान की रक्षा करे और देशहित में काम करे। दरअसल, एक समय में छत्तीसगढ़ में सक्रिय रही पूर्व महिला नक्सली (Woman Naxali) गंगी ने बेटी को जन्म दिया है। बेटी के जन्म के बाद उसने कहा, “बड़ी होकर बेटी पुलिस अफसर बनेगी और देश के संविधान के अधीन रहकर काम करेगी।” गंगी ने बताया, “एक महिला नक्सली को मां बनने का सुख नहीं मिलता।”

Woman Naxali
गंगी का सपना है कि उसकी बेटी बड़ी होकर पुलिस अफसर बने।

महिला नक्सलियों का होता है शोषण: संगठन में महिला नक्सलियों (Woman Naxali) का खूब शोषण होता है। उन्हें न तो शादी करने की इजाजत होती है और न ही मां बनने की। परिवार होने की खुशी से उन्हें वंचित रखा जाता है। इतना ही नहीं, अगर कोई महिला नक्सली ऐसा करती है तो उसे कठोर सजा भी दी जाती है। संगठन में रहते हुए गंगी के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ था।

8 लाख की इनामी और संगठन में थी डिप्टी कमांडर: 4 साल पहले गंगी नक्सली संगठन में डिप्टी कमांडर थी। वह इतनी खूंखार थी कि उस पर सरकार की ओर से 8 लाख का इनाम घोषित था। नक्सली संगठन में बड़े ओहदे पर होने के बावजूद उसका शोषण हुआ। गंगी मां बनने वाली थी। वह भी मां बनने की खुशी, बच्चे और परिवार होने की खुशी महसूस करना चाहती थी। लेकिन नक्सलियों ने उसके साथ ऐसा क्रूर और अमानवीय व्यवहार किया कि वह आज भी भूल नहीं पाई है। नक्सलियों ने गंगी के गर्भ में पल रहे 4 महीने के बच्चे को मार दिया था।

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देखा संगठन का घिनौना चेहरा: गंगी अपने बच्चे के लिए कुछ न कर सकी। लेकिन इस घटना के बाद उसे नक्सलियों की खोखली और घिनौनी सोच का पता चल गया। जिन्हें वह अपना मसीहा समझती थी उनका असली चेहरा अब गंगी के सामने आ चुका था। गंगी ने संगठन छोड़ने का फैसला किया। साल 2018 में उसने सरेंडर कर दिया। सरेंडर के बाद गंगी ने एक आम जिंदगी शुरू की।

आज डीआरजी पुलिस के लिए करती है काम: उसके पुनर्वास के लिए प्रशासन ने पूरी मदद की। उसे सरकार की पुनर्वास नीतियों के तहत लाभ मिला। धीरे-धीरे हालात बदले। गंगी आज डीआरजी पुलिस के लिए काम करती है और नक्सलवाद की जड़ों को कमजोर करने में पुलिस और प्रशासन की मदद कर रही है। साल 2019 में गंगी ने शादी की।

पति ने दिया साथ: वह बताती है, ” मेरे पिछले जीवन के बारे में जानने के बाद भी पति रोशन ने मेरा साथ दिया। 2019 में दोनों ने शादी की। दोनों साथ में रहते हैं। पति ठेकेदारी का काम करते हैं। ज्यादातर नागपुर और रायपुर में रहते हैं।” गंगी को अब मां बनने का सुख मिला है।

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p style=”text-align: justify;”>बेटी को पुलिस अफसर बनाने का है सपना: गंगी ने अपनी बेटी का नाम कल्याणी रखा है। गंगी कहती है, “मैंने अपना पहला बच्चा खोया था। दोबारा मां बनी हूं, बेटी हुई है, बहुत खुश हूं। बेटी को अच्छे स्कूल में पढ़ाऊंगी, उसे पुलिस या फोर्स में अफसर बनाना मेरा सपना है। उसे बचपन से ही इस बात की शिक्षा देती रहूंगी। मैं अपनी जिंदगी से खुश हूं।”

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