दंतेवाड़ा में नक्सलियों के निशाने पर जनप्रतिनिधि और पत्रकार, पुलिस हुई चौकन्नी

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दंतेवाड़ा (Dantewada) जिले में नक्सली (Naxals) 28 जुलाई से 3 अगस्त के बीच शहीदी सप्ताह मना रहे हैं। इस दौरान नक्सली सक्रिय हो जाते हैं। वे अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए के लिए हमले (Attack) करते हैं।

Naxals

सांकेतिक तस्वीर।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दंतेवाड़ा (Dantewada) जिले में नक्सली (Naxals) 28 जुलाई से 3 अगस्त के बीच शहीदी सप्ताह मना रहे हैं। इस दौरान नक्सली सक्रिय हो जाते हैं। वे अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए के लिए हमले (Attack) करते हैं। इस बार शहीदी सप्ताह के दौरान नक्सली (Naxalites)किसी अप्रिय घटना को अंजाम ना दे सकें इसके लिए पुलिस (Police) ने कमर कस ली है।

पुलिस को सूचना मिली है कि नक्सली पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों को निशाना बना सकते हैं। दंतेवाड़ा पुलिस (Dantewada Police) नक्सलियों की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। दंतेवाड़ा के एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि शहीदी सप्ताह को ध्यान में रखते हुए पूरी सतर्कता बरती जा रही है।

जम्मू-कश्मीर: पुलिस के हत्थे चढ़े आतंकियों की मदद करने वाले 3 युवक, पूछताछ जारी

टेक्निकल ह्यूमन राइट्स के अनुसार, किरंदुल क्षेत्र के कुछ जनप्रतिनिधि व पत्रकारों को नक्सलियों (Naxals) से खतरा है। नक्सली हमले के खतरे को देखते हुए एसपी अभिषेक पल्लव ने नक्सल प्रभावित थानों को अलर्ट पर रहने के आदेश दिए हैं। भांसी, कटेकल्याण, बारसूर, कुआकोंडा और अरनपुर मे डीआरजी (DRG) के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं।

रोड की सुरक्षा के लिए भी डीआरजी की टीम लगाई गई है। नक्सलियों की हर गतिविधि की जानकारी के लिए मुखबिर भी तैनात कर दिए गए हैं। एसपी डॉ. पल्लव ने कहा कि वह शहीदी सप्ताह के दौरान कुछ नक्सलियों को आत्मसमर्पण (Surrender) कराने की कोशिश करेंगे। बता दें कि नक्सली (Naxals) पर्चे बांट कर लोगों पर शहीदी सप्ताह में शामिल होने के लिए दबाव बना रहे हैं।

शहीदी सप्ताह के दौरान पहले भी कई हमले हुए हैं। हफ्ते भर चलने वाले शहीदी सप्ताह में नक्सली पुलिस मुठभेड़ में या किसी प्रकार की गंभीर बीमारी से मारे गए अपने साथियों को याद करते हैं। इस दौरान वो बड़े हमले करने की फिराक में रहते हैं।

यह भी पढ़ें