भारत के मास्टरप्लान के आगे नतमस्तक हुआ ड्रैगन, सेनाओं और सैन्य साजो सामान LaC से पीछे हटाने पर बनी सहमति

भारतीय सेना (Indian Army) की ओर से एक बयान जारी कर बताया गया कि बातचीत बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में रचनात्मक और सकारात्मक रही। दोनों पक्षों (India China) के बीच तनाव दूर करने‚ पीछे हटने पर सहमति बन गई है। पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले सभी क्षेत्रों से पीछे हटने के तौर तरीकों पर आगे चर्चा होगी।

India China

India China Border Tension resolved.

भारत और चीन (India China) के कोर कमांडरों के बीच करीब 11 घंटे लम्बी चली मैराथन बैठक के बाद दोनों पक्ष तनाव दूर करने‚ सेनाओं को पीछे हटाने और युद्ध के साजो–सामान हटाने पर सहमत हो गए हैं। दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत हुई। तनाव दूर करने के तरीकों की रूपरेखा तय करने के लिए दोनों तरफ की टीमें विचार–विमर्श करेंगी।

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सोमवार को वास्तविक नियंत्रण रेखा (LaC) के चीनी अधिकार वाले मोल्ड़ी क्षेत्र में भारत की तरफ से लेफ्टिनेंट जनरल हरिदंर सिंह और चीन की तरफ से वेस्ट थियेटर कमांड़ के तहत तिब्बत मिलिट्री डि़्ट्रिरक्ट के मेजर जनरल लियू लिन के बीच सुबह साढ़े 11 बजे से लेकर रात साढ़े 10 बजे तक बैठक चली। इस मैराथन बैठक में पूर्वी लद्दाख से लगी एलएसी (LaC) को लेकर एक–एक बिंदु पर चर्चा हुई।

भारतीय सेना (Indian Army) की ओर से एक बयान जारी कर बताया गया कि बातचीत बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में रचनात्मक और सकारात्मक रही। दोनों पक्षों (India China) के बीच तनाव दूर करने‚ पीछे हटने पर सहमति बन गई है। पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले सभी क्षेत्रों से पीछे हटने के तौर तरीकों पर आगे चर्चा होगी।

सूत्रों का कहना है कि मोटे तौर पर दोनों पक्ष (India China) 4 मई की यथास्थिति बनाने के लिए सहमत हो गए हैं। अब दोनों पक्ष पीछे हटने के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। ये चर्चाएं अनेक दौर की बातचीत में तय होंगी। सूत्रों का कहना है कि तीन मुद्दों पर सहमति बनी है।

पहला– दोनों सेनाओं (India China) के बीच तनाव कम हो‚ दोनों पक्ष गलवान घाटी संघर्ष की तरफ दोबारा नहीं भिड़ेंगे।

दूसरा– सेनाएं पीछे हटेंगी

तीसरा– दोनों तरफ से तैनात सैन्य साजो सामान यानी टैंक‚ आर्टीलरी आदि को हटाया जाएगा।

उधर‚ चीनी विदेश मंत्रालय ने इस बातचीत को लेकर कहा कि दोनों पक्ष बातचीत और परामर्श के माध्यम से स्थिति को नियंत्रित करना चाहते हैं। दोनों पक्ष (India China) सीमा क्षेत्रों की शांति के लिए संवाद और संयुक्त कार्य जारी रखने पर सहमत हुए। भारत का पक्ष है कि चीन 4 मई के पहले की स्थिति बनाए।

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