चायवाले की बेटी आंचल गंगवाल की ऊंची उड़ान, वायुसेना में उड़ाएगी फाइटर विमान

मध्य प्रदेश के नीमच जिले की आंचल गंगवाल (Anchal Gangwal) की सफलता की उड़ान की कहानी एक ऐसी कहानी है, जो आपको अपने सपनों से प्यार करने और उन्हें पूरा करने की हिम्मत देगी। छोटे से शहर की आंचल ने इंडियन एयर फोर्स एकेडमी (Indian Air force Academy) से ग्रेजुएट किया है।

Anchal Gangwal

मध्य प्रदेश के नीमच जिले की आंचल गंगवाल (Anchal Gangwal) की सफलता की उड़ान की कहानी एक ऐसी कहानी है, जो आपको अपने सपनों से प्यार करने और उन्हें पूरा करने की हिम्मत देगी। छोटे से शहर की आंचल ने इंडियन एयर फोर्स एकेडमी (Indian Air force Academy) से ग्रेजुएट किया है।

20 जून को हैदराबाद में आयोजित दीक्षांत समारोह में उन्हें सम्मानित किया गया। चाय की दुकान चलाने वाले आंचल के पिता ने जब टीवी पर बेटी को देखा तो उनका सीना गर्व से चौड़ा हो गया। 26 साल की आंचल गंगवाल वायुसेना (Indian Air Force) में फाइटर पायलट बन गई हैं।

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ऐसा रहा आंचल का सफर: नीमच से कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएट आंचल (Anchal Gangwal) ने सब इस्पेक्टर के पद पर मध्य प्रदेश पुलिस ज्वाइन किया था। अप्रैल, 2017 में पुलिस विभाग में आंचल उप निरीक्षक के रूप में चयनित हुईं। इसके बाद अगस्त, 2017 आंचल का चयन श्रम निरीक्षक के रूप में हुआ। उन्होंने सब इस्पेक्टर के पद से अगस्त, 2017 में त्यागपत्र दे दिया। वह मंदसौर में बतौर श्रम निरीक्षक के पद पर कार्यरत रहीं।

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किया एयर फोर्स में जाने का फैसला: श्रम निरीक्षक के पद पर रहने के दौरान आंचल ने एयर फोर्स में जाने का फैसला किया। आंचल ने एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट में 2018 में सफलता पाई। आंचल इस टेस्ट में चयनित होने वाली मध्य प्रदेश की एकमात्र युवती हैं। इसके बाद वे फाइटर जेट पायलट के प्रशिक्षण के लिए वे हैदराबाद गईं। 30 जून 2018 से हैदराबाद स्थित एयर फोर्स एकेडमी में प्रशिक्षण शुरू किया। इसके बाद 20 जून, 2020 को वे ग्रेजुएट हुईं।

Anchal Gangwal
वायुसेना चीफ आरकेएस भदौरिया से सम्मान लेतीं आंचल।

2013 की घटना से मिली वायुसेना में जाने की प्रेरणा: आंचल (Anchal Gangwal) को वायुसेना में जाने की प्रेरणा 2013 की एक घटना से मिली। तब उत्तराखंड में भयंकर बाढ़ आई  थी। बाढ़ के दौरान भारतीय वायुसेना ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए जिस तरह से बचाव कार्य को अंजाम दिया, वह आंचल के मन पर छप गया था। टीवी पर वायुसेना के इस कारनामे को देखकर आंचल ने ठान लिया कि उन्हें भी वायुसेना में जाकर देश की सेवा करनी है। तब आंचल 12वीं में पढ़ रही थीं।

चाय बेचकर पिता ने दी बेटी के सपनों को उड़ान: आंचल (Anchal Gangwal) के पिता सुरेश गंगवाल नीमच के बस स्टैंड पर छोटी सी चाय की दुकान चलाते हैं। उन्होंने चाय बेचकर बेटी आंचल के सपनों को उड़ान दी। आंचल के परिवार में पिता सुरेश गंगवाल, मां बबिता, भाई चंद्रेश जो इंदौर में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं और बहन दिव्यानी वॉलीबॉल खिलाड़ी हैं। गंगवाल परिवार मूल रूप से जिले के जावद विकासखंड के गांव तारापुर-उम्मेदपुरा का रहने वाला है।

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