समुद्र में भारत को मिलेगी ताकत, नौसेना में शामिल होंगे MH-60 रोमियो हेलीकॉप्टर्स

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की यात्रा से पहले सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) ने नौसेना (Indian Navy) के लिए अमेरिका से 24 मल्टीरोल हेलीकॉप्टर, रोमियो (MH-60R) खरीदने का फैसला किया है। सीसीएस ने 19 फरवरी को 2.6 बिलियन डॉलर के इस सौदे को मंजूरी दे दी। राष्ट्रपति ट्रंप के भारत दौरे के दौरान हेलीकॉप्टर सौदे के हरी झंडी दिए जाने की उम्मीद है।

MH-60R
MH-60R हेलीकॉप्टर (फाइल फोटो)।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की यात्रा से पहले सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) ने नौसेना के लिए अमेरिका से 24 मल्टीरोल हेलीकॉप्टर्स रोमियो (MH-60R) खरीदने का फैसला किया है। सीसीएस ने 19 फरवरी को 2.6 बिलियन डॉलर के इस सौदे को मंजूरी दे दी। राष्ट्रपति ट्रंप के भारत दौरे के दौरान हेलीकॉप्टर सौदे के हरी झंडी दिए जाने की उम्मीद है। ये हेलीकॉप्टर नौसेना (Indian Navy) के जंगी बेड़े में शामिल किए जाएंगे। MH-60 रोमियो हेलीकॉप्टर पनडुब्बियों पर हमले के लिए हथियारों से लैस होंगे।

2 साल में भारत को मिल जाएंगे ये हेलीकॉप्टर्स

सूत्रों के मुताबिक, आधिकारिक तौर पर रक्षा, व्यापार और रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने के मकसद से राष्ट्रपति ट्रंप की लगभग 36 घंटे की निर्धारित यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका के बीच तकरीबन 2.5 अरब डॉलर के 24 नौसैनिक हेलीकॉप्टरों की खरीद का समझौता हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इस डील के तहत भारत 24 MH-60R हेलीकॉप्टर्स के लिए शुरुआत में 15 फीसदी किस्त का भुगतान करेगा। डील होने के बाद इसकी पहली खेप दो साल के भीतर आएगी। इसके बाद 2 से 5 साल के अंदर सभी हेलीकॉप्टर भारत को मिल जाएंगे।

डिफेंस वेपन सिस्टम खरीदने पर भी हो सकती है चर्चा

इसके अलावा दोनों देशों के बीच इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम खरीदने पर भी चर्चा हो सकती है। हालांकि, इस सौदे में पेंच फंस सकता है, क्योंकि यह सौदा करीब 9000 करोड़ रुपये यानी 1.90 डॉलर का होगा। सूत्रों के अनुसार, सीसीएस ने 1.86 बिलियन डॉलर की लागत से अमेरिका से मिसाइल रक्षा प्रणाली की खरीद पर भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि सौदे को अंतिम मंजूरी दी जानी बाकी है।

क्या है खासियत

अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन द्वारा तैयार MH-60 रोमियो (MH-60R) हेलीकॉप्टर एंटी-सबरमीन और एंटी-सर्फेस (शिप) वॉरफेयर के लिए इस्तेमाल किया जाता है। एमएच-60R को दुनिया का सबसे बेहतरीन मैरीटाइम हेलीकॉप्टर माना जाता है। फिलहाल यह अमेरिकी नेवी में एंटी-सबमरीन और एंटी-सरफेस वेपन के रूप में तैनात हैं। रक्षा विशेषज्ञों की मानें तो यह मौजूदा हेलीकॉप्टरों में सबसे आधुनिक हैं। इसे जंगी जहाज, क्रूज और एयरक्राफ्ट करियर से ऑपरेट किया जा सकता है।

सी किंग हेलीकॉप्टर की लेगा जगह

बता दें कि अमेरिका ने पिछले साल भारत को 24 MH-60 रोमियो (MH-60R) हेलीकॉप्टर्स बेचने को मंजूरी दी थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि ट्रंप के आने पर इस समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे। ये हेलीकॉप्टर सी किंग हेलीकॉप्टर की जगह लेगा। हिंद महासागर में चीन के आक्रामक व्यवहार के मद्देनजर भारत के लिए ये हेलीकॉप्टर आवश्यक हैं। इस रक्षा समझौते के बाद भारत की नौसेना को और अधिक ताकत मिलेगी। भारत को आंतकवाद से निपटने में और अधिक मदद मिलेगी।

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