छत्तीसगढ़: बस्तर में 10 हजार नक्सल समर्थकों का जमावड़ा! बढ़ाई गई कांग्रेस सांसदों और विधायकों की सुरक्षा

पुलिस के मुताबिक झीरम घाटी में कांग्रेस नेताओं की हत्या के बाद इस तरह का पहली बार जमावड़ा हो रहा है। साल 2013 में कांग्रेस नेताओं पर नक्सली हमला हुआ था।

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सांकेतिक तस्वीर।

छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सल समर्थकों के जमावड़े से खुफिया एजेंसी अलर्ट पर है। राज्य पुलिस को शुरुआती इनपुट्स में जो जानकारी मिली है वह बेहद ही चौंकाने वाली है। पुलिस के मुताबिक नक्सल प्रभावित इलाकों में करीब 10 हजार नक्सल समर्थक एकजुट हो रहे हैं। इनमें से 300 नक्सलियों के पास हथियार भी हैं। बताया जा रहा है कि नक्सल समर्थकों का यह जमावड़ा सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा बॉर्डर पर हो रहा है। नक्सल प्रभावित जिलों के एसपी को पुलिस हेडक्वाटर ( पीएचक्यू) अलर्ट जारी कर दिया गया है।

पुलिस के मुताबिक झीरम घाटी में कांग्रेस नेताओं की हत्या के बाद इस तरह का पहली बार जमावड़ा हो रहा है। साल 2013 में कांग्रेस नेताओं पर नक्सली हमला हुआ था जिसमें तत्कालीन प्रदेश पार्टी प्रमुख नंद कुमार पटेल, विपक्ष के पूर्व नेता महेंद्र कर्म और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ला समेत 29 लोग मारे गए थे।

ऐसे में नक्सलियों के इतने बड़े जमावड़ को देखते हुए राज्य सरकार और खुफिया एजेंसियां मुस्तैद हैं। बता दें कि बस्तर संभाग के सभी 12 विधायक कांग्रेस के हैं। बस्तर सांसद भी कांग्रेस के हैं। इसके अलावा अधिकांश जिला पंचायत अध्यक्ष भी कांग्रेस के हैं।

इस बीच बस्तर के सांसद और विधायकों की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है। रायपुर में गृह मंत्रालय ने सांसद और विधायकों से इस संबंध में चर्चा की है। चर्चा में तय हुआ है कि जिस सांसद या विधायक के पास जिस भी कैटिगरी की सुरक्षा है उससे ऊपर की सुरक्षा उन्हें मुहैया करवाई जाएगी।

बता दें कि बस्तर और इसके आसपास के राज्यों में नक्सल गतिविधियों में संलिप्त 35 बड़े नक्सलियों की मोस्टवांटेड लिस्ट पुलिस ने जारी की है। इसमें महिला नक्सली भी शामिल हैं। ये सभी नक्सली पुलिस की हिट लिस्ट में है। पुलिस को जानकारी देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।

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