सुरक्षाबलों की चुनौती बढ़ी, नक्सली इस्तेमाल कर रहे आईईडी (IED) बनाने की नई तकनीकि

नक्सल प्रभावित इलाकों में आईईडी (IED) सर्च अभियान के दौरान सुरक्षा को लेकर पुलिस और सुरक्षाबलों की चुनौती बढ़ गयी है। इसकी वजह यह है कि नक्सली संगठन भाकपा माओवादियों के नक्सलियों ने आईईडी (IED) बनाने की नयी तकनीक हासिल है।

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नक्सली संगठन भाकपा माओवादियों के नक्सलियों ने आईईडी (IED) बनाने की नई तकनीकि हासिल की है।

झारखंड के नक्सल प्रभावित इलाकों में आईईडी (IED) सर्च अभियान के दौरान सुरक्षा को लेकर पुलिस और सुरक्षाबलों की चुनौती बढ़ गयी है। इसकी वजह यह है कि नक्सली संगठन भाकपा माओवादियों के नक्सलियों ने आईईडी (IED) बनाने की नई तकनीकि हासिल की है। इस कारण पुलिस मुख्यालय के स्तर से नक्सलियों द्वारा आईईडी (IED) बनाने में इस्तेमाल की जानेवाली तकनीक को लेकर सभी जिलों के एसपी को जानकारी भी दी गयी है।

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सांकेतिक तस्वीर

पुलिस मुख्यालय ने नक्सल प्रभावित जिलों के एसपी को बताया है कि हाल में चतरा के बेगंवातरी सहित अन्य स्थानों से आईईडी (IED) बरामद किए गए हैं। ये आईईडी भाकपा माओवादी नक्सली संगठन की ओर से लगाए गए थे। बरामद आईईडी (IED) में पहला एंटी हैंडलिंग और दूसरा प्रेशर डिवाइस का प्रयोग किया गया है। इस आईईडी (IED) का प्रयोग एंटी व्हीकल और एंटी मैन दोनों तरह से किया जा सकता है।

इसे वाहन तथा पैदल चलनेवाले जवानों के खिलाफ क्षमतानुसार प्रयोग में लाया जा सकता है। इसलिए नक्सलियों के खिलाफ अभियान के दौरान पुलिस की सुरक्षा आवश्यक है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नक्सलियों के आईईडी (IED) की यह तकनीक पुलिस के लिए काफी घातक हो सकती है। इसलिए पुलिस के स्तर से अभियान में लगे जवानों को भी इसे लेकर सुरक्षा के दृष्टिकोण से जानकारी दी गई है।

खासकर अभियान के दौरान पैदल और वाहन या एंटी लैंड माइन वाहन से चलने के दौरान सुरक्षा बरतने की हिदायत दी गयी है। इसके अलावा चुनाव के दौरान जिन इलाकों में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाइ जा रहे हैं, वहां भी विशेष सावधानी बरती जा रही है। पुलिस नक्सलियों के मंसूबे को विफल करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। सुरक्षाबलों को इससे संबंधित जरूरी निर्देश दिए गए हैं।

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