झारखंड एटीएस ने अलकायदा के मोस्ट वांटेड आतंकी को गिरफ्तार किया, जेहाद के नाम पर करता था भर्तियां

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अलकायदा का आतंकी मौलाना कलीमुद्दीन गिरफ्तार

झारखंड एटीएस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। एटीएस ने ओसामा बिन लादेन के आतंकी संगठन अलकायदा के एक खूंखार आतंकी मौलाना कलीमुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया है। मौलाना कलीमुद्दीन मोस्‍ट वांटेड आतंकियों में से एक था। बताया जा रहा है कि वह स्‍लीपर सेल की सहायता से देश को दहलाने वाले किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में था। झारखंड एटीएस उसे अज्ञात स्‍थान पर लेकर गई है ऐक उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। मौलाना कलीमुद्दीन भारत में रहकर अलकायदा के लिए सक्रिय आतंकवादी के रूप में काम कर रहा था।

वह देश के युवाओं को बरगला कर जेहाद के लिए तैयार करके पाकिस्‍तान में जेहादी ट्रेनिंग कैंपों में प्रशिक्षण के लिए भेजता था। इस खूंखार आतंकी का पूरा नाम मौलाना मोहम्मद कलीमुद्दीन मुजाहिरी बताया गया है। वह झारखंड के जमशेदपुर के मानगो इलाके के आजादनगर थाना क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। वह साल 2001 से ही आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़ा हुआ है। देश भर की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को साल 2016 से ही इस खूंखार आतंकी की तलाश थी। पिछले तीन साल से वह अपना ठिकाना और अपनी पहचान बदलकर लगातार खुफिया विभाग को चकमा दे रहा था।

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बताया जा रहा है कि एटीएस ने मौलाना कलीमुद्दीन मुजाहिरी को 21 सितंबर को जमशेदपुर रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, अलकायदा ने कलीमुद्दीन को ईस्टर्न इंडिया जोन का प्रभारी बनाया था। इसका मुख्य काम जिहाद की तरफ झुकाव रखने वाले लोगों को चिहिंत कर अपने पास बुला कर आतंकी संगठन से जोड़ना था। एटीसी के एडीजी अभियान मुरारी लाल मीणा के अनुसार, अलकायदा के इस आतंकी का काम झारखंड में स्लीपर सेल तैयार करना और जिहाद के लिए लोगों को तैयार करना था। मूल रूप से आतंकी कलीमुद्दीन रांची का रहने वाला है। फिलहाल के लिए इसने जमशेदपुर में अपना ठिकाना बनाया हुआ था। उसके संबंध तिहाड़ जेल में बंद आंतकवादी अब्दुल रहमान उर्फ कटकी, अब्दुल सामी सहित अन्य आतंकियों के साथ थे।

कलीमुद्दीन इन सबका मुख्य सहयोगी रह चुका है। वह सऊदी अरब, बांग्लादेश और अफ्रीका जैसे देशों में जा चुका है। वहीं, पुलिस ने इससे पहले कलीमुद्दीन के घर कुर्की भी की थी। कलीमुद्दीन के खिलाफ जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना आर्म्स एक्ट, सीएलए एक्ट और यूएपीए एक्ट का मामला 25 जनवरी, 2016 को दर्ज हुआ था। बताया जा रहा है कि जिस जगह से मौलाना कलीमुद्दीन पकड़ा गया है वह जगह आतंकियों की शरणगाह है। कोलकाता के अमेरिकन सेंटर पर हमला करने वाला आतंकी नूर मुहम्म्द को भी यहीं से गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, यहां का रहने वाला अब्दुल सामी अलकायदा से जुड़ा था। जिसकी गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने हरियाणा के मेवात से की थी।

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