भारत चीन सीमा विवाद: गलवान, गोगरा और हॉट स्प्रिंग एरिया से चीनी सेना का अतिक्रमण समाप्त, अब फिंगर एरिया पर होगा सारा फोकस

भारत की कोशिश है कि चीनी सेना (PLA Troops) फिंगर 12 तक लौट जाए। इसी मुद्दे पर आने वाले दिनों में कोर कमांडर स्तर की बैठक होनी है। फिंगर एरिया में चीनी सेना के पीछे चले जाने के बाद दोनों सेनाएं वेरिफिकेशन करेंगी। यह प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी।

PLA Troops

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India China Clash: चीनी सेना (PLA Troops) गोगरा पोस्ट पेट्रोलिंग प्वाइंट 17 से भी पूरी तरह से पीछे हट गई है। अब दोनों सेनाओं का पूरा फोकस फिंगर एरिया पर है। वास्तविक नियंत्रण रेखा पर दोनों सेनाओं के पीछे हटने और तनाव कम करने की समीक्षा करने के लिए कोर कमांडर लेवल की बैठक दोबारा होने वाली है।

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भारतीय सेना (Indian Army) के सूत्रों के अनुसार समझौते के मुताबिक, चीनी सेना (PLA Troops) गोगरा पोस्ट से पूरी तरह से पीछे हट गई है। अब तक की प्रगति के अनुसार चीनी सेना (PLA Troops) गलवान घाटी के पेट्रोलिंग प्वाइंट 14, हॉट स्प्रिंग के पेट्रोलिंग प्वाइंट 15 और गोधरा पेट्रोलिंग प्वाइंट 17 से पूरी तरह से पीछे हट गई है। दोनों सेनाओं का फोकस फिंगर एरिया में है। 135 किलोमीटर लंबी पैंगोंग त्सो लेक के आधे हिस्से पर चीन का कब्जा है और लेक से लगी पहाड़ियों, जिन्हें फिंगर कहा जाता है, के आधे हिस्से पर भारत का और आधे पर चीन का अधिकार है। एक समय भारत का दावा फिंगर प्वाइंट 12 तक था, लेकिन चीन ने कब्जा करते-करते फिंगर प्वाइंट 8 को अपने कब्जे में ले लिया और इस बार की गर्मी में 5 मई को उसकी सेना फिंगर 4 पर आ खड़ी हुई।

पिछले महीने 5 मई तक दोनों सेनाएं फिंगर 8 तक पेट्रोलिंग करती थी पर इस बार चीनी सेना (PLA Troops) ने भारतीय सेना (Indian Army) को फिंगर 4 में भी नहीं आने दिया। यहीं से झगड़े की शुरुआत हुई थी। तीन दौर की कोर कमांडर बैठक के बाद चीनी सेना (PLA Troops) और भारतीय सेना (Indian Army) ने बफर जोन बनाने का फैसला किया। बफर जोन में न चीन की सेना आएगी न भारतीय सेना (Indian Army) जाएगी। यानी दोनों सेनाओं के बीच आमना सामना नहीं होगा। बफर जोन एक किलोमीटर से लेकर चार किलोमीटर तक होगा।

अब मामला पिंजरे में ही फंसा हुआ है। सेना के सूत्रों ने बताया कि फिंगर से चीनी सेना (PLA Troops) संख्या में कम हुई है और थोड़ा पीछे भी हटी है, लेकिन अभी समझौते के अनुसार, उन्हें पूरी तरह से पीछे होना है। इसी तरह से फिंगर 5 में जहां विवाद नहीं था, वहां भी चीनी सेना (PLA Troops) मौजूद थी। उसे भी पीछे हटना है।

भारत की कोशिश है कि चीनी सेना (PLA Troops) फिंगर 12 तक लौट जाए। इसी मुद्दे पर आने वाले दिनों में कोर कमांडर स्तर की बैठक होनी है। फिंगर एरिया में चीनी सेना (PLA Troops) के पीछे चले जाने के बाद दोनों सेनाएं वेरिफिकेशन करेंगी। यह प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी।

उधर, चीनी विदेश विभाग ने भी आज एक बयान जारी कर कहा कि दोनों सेनाओं के बीच डिस्एंगेजमेंट और डीएस्कैलेशन शुरू हो गया है। अभी तक की कार्रवाई की प्रगति और आगे की रणनीति तय करने के लिए कोर कमांडर स्तर की बैठक जल्दी होगी।

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