सेना प्रमुख ने कहा, जरूरत पड़ी तो एक बार फिर बॉर्डर पार कर सकती है भारतीय सेना

पाकिस्तान के बालाकोट में अपने आतंकी कैंपों को फिर से ऐक्टिव करने की खबरों के बीच आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत (General Bipin Rawat) ने कहा है कि बॉर्डर पर लुकाछिपी का खेल ज्यादा समय तक नहीं चलेगा। भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने नियंत्रण रेखा पर आए दिन हो रही गोलीबारी के बीच पाकिस्तान को एक बार फिर से चेताया है।

General Bipin Rawat
सेना प्रमुख General Bipin Rawat

सेना प्रमुख General Bipin Rawat ने कहा कि भारत का रुख बिल्कुल स्पष्ट है कि वह पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर के माहौल का दुरुपयोग नहीं करने देगा। जनरल रावत ने पाकिस्तान को ‘प्रॉक्सी वॉर’ पर लताड़ लगाई है। रावत ने कहा कि जरूरत पड़ी तो भारतीय सेना एक बार फिर से बॉर्डर पार कर सकती है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ को दिए एक इंटरव्यू में सेना प्रमुख General Bipin Rawat ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक से एक कड़ा संदेश गया है कि लाइन ऑफ कंट्रोल पर तब तक शांति रहेगी, जब तक कि पाकिस्तान माहौल बिगाड़ने की कोशिश नहीं करता।

अगर पाकिस्तान ने ऐसी कोई हिमाकत की, तो भारतीय सेना एक बार फिर बॉर्डर पार कर सकती है। बता दें कि उरी अटैक के बाद भारतीय सेना ने 28 सितंबर 2016 को एलओसी पार कर पाकिस्तान में चल रहे आतंकी बेस कैंप को तबाह कर दिया था। इसके बाद इसी साल पुलवामा हमले के बाद भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट और पीओके में एयर स्ट्राइक की थी। सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र करते हुए General Bipin Rawat ने कहा, ‘अब लुका-छिपी का खेल नहीं चलेगा। अब अगर भारत एलओसी पार करेगा, तो आकाश, धरती या दोनों के रास्ते करेगा।’

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जनरल रावत ने आतंकियों को अपनी जमीन पर पनाह देने को लेकर भी पाकिस्तान को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि जब मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 को कमजोर किया, तब हमारे पड़ोसी मुल्क ने इसके खिलाफ खासतौर पर ‘जिहाद’ की शुरुआत की। General Bipin Rawat ने कहा कि भारत के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर पाकिस्तान की पॉलिसी का हिस्सा है। सेना प्रमुख ने कहा, ‘क्या पाकिस्तान ने 5 अगस्त के बाद कश्मीर में खुले तौर पर जिहाद की बात नहीं कही है? यह जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को समर्थन करने की मौन स्वीकृति है। आप आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए रातोंरात ऐसी मशीनरी नहीं बना सकते। वह हमेशा से मौजूद था।

पाकिस्तान में आतंकी शिविर रहे हैं, वे सिर्फ उसे एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट करते रहे हैं।’ आर्मी चीफ General Bipin Rawat ने कहा, ‘परमाणु हथियार निवारण का हथियार है। ये युद्ध में लड़ने वाले हथियार नहीं होते। कोई कैसे इसका दावा कर सकता है कि वह उसका इस्तेमाल पारंपरिक युद्ध में करेगा या उस पर हमले की स्थिति में करेगा?’ रावत ने कहा, ‘परमाणु हथियारों को लेकर पाकिस्तान का बयान रणनीतिक हथियारों के इस्तेमाल की अनुचित समझ को दर्शाता है।’

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