हर मुद्दे पर टांग अड़ाने से बाज नहीं आ रहा China, भारत ने सुनाई खरी-खोटी

भारत ने कश्मीर को लेकर चीन (China) के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। 9 अक्टूबर को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि जम्मू और कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है और China इससे अच्छी तरह वाकिफ है। भारत के आंतरिक मामले पर दुनिया के देशों को बयान नहीं देना चाहिए।

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रवीश कुमार ने कहा कि हमने China के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच बातचीत की रिपोर्ट देखी है, जिसमें कहा गया कि दोनों नेताओं ने कश्मीर के मसले पर चर्चा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। इस पर भारत अपनी स्थिति पहले ही साफ कर चुका है। चीन भी इससे भली-भांति वाकिफ है। दरअसल, China के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत दौरे से पहले कहा कि उनकी कश्मीर की स्थिति पर नजर है और वह जम्मू-कश्मीर पर यूएन के नियमों का पालन करेंगे। जिनपिंग ने ये बात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ बीजिंग में बैठक के दौरान कही।

China का यह बयान उस समय सामने आया है, जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत दौरे पर आने वाले हैं। इसके पहले 8 अक्टूबर को China ने इमरान खान को कश्मीर मसले पर झटका दिया था। इमरान खान की राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात से पहले बीजिंग ने कहा था कि कश्मीर के मुद्दे का समाधान भारत और पाकिस्तान को आपसी बातचीत से निकालना होग। चीन ने संयुक्त राष्ट्र और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अपने हालिया संदर्भों को छोड़ते हुए यह बात कही। हालांकि, 9 अक्टूबर को जिनपिंग एक बार फिर पलट गए और पाकिस्तान के पक्ष में खड़े दिखे।

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पाकिस्तानी पीएम इमरान खान से मुलाकात के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और पाकिस्तान रणनीतिक साझेदार हैं। अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्थिति में बदलाव आने के बावजूद चीन-पाकिस्तान की दोस्ती मजबूत बनी रहेगी। चीनी राष्ट्रपति शी ने कहा कि China हमेशा पाकिस्तान को कूटनीति में प्राथमिकता देता है। China हरदम पाकिस्तान का समर्थन करता है। वहीं, इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान समर्थन और मदद के लिए चीन का शुक्रिया अदा करता है। पाकिस्तान लगातार China के साथ आदान-प्रदान, संपर्क और सहयोग मजबूत करना चाहता है।

उधर, 9 अक्टूबर को भारत सरकार के सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी और शी जिनपिंग के साथ होने वाली बैठक में कश्मीर मुद्दे पर कोई बात नहीं होगी। लेकिन अगर China के राष्ट्रपति इस मुद्दे को उठाते हैं तो इस पर चर्चा हो सकती है। गौरतलब है कि China के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 11 और 12 अक्टूबर को भारत दौरे पर आ रहे हैं। यह उनका अनौपचारिक दौरा होगा। इस दौरान चेन्नई में शी जिनपिंग और पीएम मोदी की मुलाकात होगी।

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