बैकफुट पर नक्सली, सुरक्षाबलों के खिलाफ हमलों में 41 फीसदी की कमी

नक्सलवाद देश की आतंरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा रहा है। पर बीते पांच सालों में नक्सलियों की कमर टूट गई है। आंकड़ों की मानें तो नक्सली अब बैकफुट पर आ गए हैं।

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5 सालों में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों के एनकाउंटर में इजाफा हुआ है।

नक्सलवाद देश की आतंरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा रहा है। पर बीते पांच सालों में नक्सलियों की कमर टूट गई है। आंकड़ों की मानें तो नक्सली अब बैकफुट पर आ गए हैं। मई 2009 से अप्रैल 2014 के बीच पुलिस और नक्सलियों के बीच कुल 1203 मुठभेड़ हुई। वहीं मई 2014 से अप्रैल 2019 के बीच ये संख्या बढ़ कर 1256 हो गई। बेशक, ये इजाफा 4.4 फीसदी का है लेकिन उल्लेखनीय है। अब बात करते हैं सुरक्षाबलों पर होने वाले हमलों की। मई 2009 से अप्रैल 2014 के बीच सुरक्षाबलों पर कुल 873 हमले हुए, जबकि मई 2014 से अप्रैल 2019 के दरम्यान कुल 515 हमले हुए। यानी इन 5 सालों में सुरक्षाबलों पर होने वाले हमलों में 41 फीसदी की कमी आई है। ये साफ संकेत है कि सुरक्षाबलों और सरकार का इकबाल बुलंद हुआ है। जबकि नक्सलियों के हौसले पस्त हुए हैं। विस्तृत रिपोर्ट देखिए…