Naxal commander

नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा का कावड़गांव के युवा पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं। खासकर वालीबॉल के लिए तो यहां के युवा ही नहीं 4 साल के बच्चे तक दीवाने हैं।

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले की नैना राज्य की पहली महिला हैं जिन्होंने किसी पर्वत की चढ़ाई पूरी की है। नैना ने 6,512 मीटर ‘भागीरथी 2’ को फतह कर नया कीर्तिमान बनाया है। भागीरथी-2 हिमालय की सबसे अधिक बर्फीली पहाड़ियों में से एक है, जो उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में है। पुलिस पिता की यह बिटिया जिगर के मामले में पुरुषों को भी मात देती है।

सावित्री बस्तर की ऐसी पहली छात्रा हैं, जिन्होंने आईआईटी क्रैक किया। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में गरीबी और संसाधनों के अभाव का सामना करते हुए अनपढ़ माता-पिता की इस बेटी ने इतिहास रच दिया।

अकेले 200 नक्सलियों से लड़ते हुए के प्रसाद बाबू ने 9 नक्सलियों को मार गिराया। कई नक्सलियों को घायल कर दिया। बाद में प्रसाद बाबू को नक्सलियों ने पकड़ लिया। उन्हें टॉर्चर किया और उनकी हत्या कर दी।

Mumbai Marathon: 20 जनवरी को मुंबई में मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। वैसे तो 2004 से हर साल जनवरी...

30 पूर्व नक्सलियों ने क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के साथ स्टेडियम में देखा मैच। इनको देख कर कोई कह सकता है कि इन हाथों में पहले हथियार हुआ करते थे?

"नक्सली संगठन में हमें इंसानों को निशाना बनाने के लिए सिखाया गया था। पर यहां सब-कुछ बहुत अलग है। यहां किसी भी निर्दोष को निशाना नहीं बनाया जाता। यहां बच निकलने या भागने के लिए नहीं सिखाया जाता, बल्कि सामना करने के लिए सिखाया जाता है।"

साथी कमांडर्स ने सात साल तक मेरे साथ रेप किया। यह तब हुआ जब मैं 25-30 सशस्त्र नक्सलियों की कमांडर थी। नक्सलियों के बीच पत्नियों की अदला-बदली, साथी महिला नक्सलियों को मारना-पीटना और रेप करना बेहद आम है। 

उनके सिर पर काफी चोटें आई थीं। जख्मी होने के बावजूद नजीर वानी ने आतंकियों को भागने नहीं दिया। वह आतंकियों के भाग निकलने के रास्ते पर डटे रहे। उन्होंने दूसरे आतंकी को भी ढेर कर दिया। इस एनकाउंटर में वानी और उनके साथियों ने कुल 6 आतंकियों को मार गिराया था। इनमें से दो को वानी ने खुद मारा था।

नक्सली हमलों और नक्सलियों के गढ़ के रूप में कुख्यात रहे छत्तीसगढ़ के बस्तर की पहचान अब बदल रही है।...

अपनी साहस और बहादुरी के बूते चीता आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं। उनके जज्बे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब 2 महीने कोमा में रहने के बाद मौत के मुंह से निकलकर आए।

दो साल पहले तक वह एक खूंखार नक्सली था, जिसके सिर पर 25 लाख रुपये का इनाम था। माओवादियों के दल में ऊंची रैंक पर था और उनकी विशेष-समिति का सदस्य भी था। पर अब अपनी गलतियों का प्रायश्चित करने के लिए सिलता है पुलिस की वर्दी।

SUKMA GIRL RANI RAI : जहां चाह है वहां राह है- इस कहावत को चरितार्थ किया है रानी राय ने। गोली-बारूद...

संसदीय लोकतंत्र की मर्यादा कहती है भाषा शालीन होनी चाहिए। आपकी भाषा से किसी की मर्यादा को ठेस नहीं पहुंचनी...

खूंखार आतंकी जाकिर मूसा का गिरोह अब खात्मे की कगार पर है। दक्षिणी कश्मीर के त्राल इलाके में मूसा गैंग...

जंगल की ज़िंदगी हमेशा कठिन होती है। अंधेरे में खोई वीरानी ज़िंदगी। जंगल में रहते वक्त इस बात का एहसास...

यह भी पढ़ें