Pulwama Attack: वादा था कि जल्द आकर मकान बनवाऊंगा, वापस आया ताबूत में शहीद का शव

Shaheed Ram Wakeel

Pulwama Attack: पुलवामा में शहीद हुए जवानों की शोक में सारा राष्ट्र शामिल है। इन जवानों की शहादत पर हर किसी के दिल में गुस्सा है। शहीदों के परिजनों की रोती बिलखती हुई तस्वीरें मन को विचलित कर रही हैं। इस भयानक आतंकी हमले में उत्तर प्रदेश के 12 जवान शहीद हुए हैं। ऐसी ही एक खबर उत्तर प्रदेश के इटावा के रहने वाले राम वकील की है जो पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले में शहीद हो गए।

जैसे ही राम वकील के घर इनकी शहादत की सूचना पहुंची, परिवार में सन्नाटा छा गया। पूरा परिवार आंसुओं के समंदर में डूब गया। सभी का रो-रो कर बुरा हाल है। शहीद राम वकील मूलरूप से मैनपुरी के बरनाहल थाने के बिनायकपुर गाँव के निवासी थे। पर बच्चों की शिक्षा के कारण इटावा में रहते थे। परिवार में उनकी पत्नी गीता के अलावा तीन छोटे बच्चे हैं जो आज बेसहारा हो गए हैं।

यह भी पढ़ें- अधूरा रह गया बेटे को सेहरा पहने देखने का ख्वाब, तिरंगे में लिपटा लौटा इकलौता लाल

राम वकील इसी महीने छुट्टी मनाने घर आए थे और 10 फरवरी को वापस ड्यूटी पर चले गए थे। पर किसी को क्या पता कि अब वे कभी वापस नहीं आएंगे। शहीद राम वकील बच्चों की शिक्षा को लेकर बेहद चिंतित रहते थे, बच्चे केंद्रीय विद्यालय में पढ़ते हैं। शहीद राम वकील का इटावा में एक खाली प्लाट है, जहां अपना मकान बनवाना चाहते थे। राम वकील ने इस बार परिवार से वादा किया था कि जल्द ही छुट्टी लेकर आऊंगा और मकान बनवाऊंगा। राम वकील का मकान बनवाने का ख़्वाब हमेशा के लिए अधूरा रह गया। शहीद राम वकील के पिता का पहले ही स्वर्गवास हो चुका है। परिवार में इनकी बीवी बच्चों के अलावा सिर्फ़ मां और एक भाई हैं।

शहीद राम वकील अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर उन्हें भी देशसेवा में लगाने का सपना देखते थे। पर शहीद राम वकील के सारे ख़्वाब आज अधूरे रह गए। आतंकवादियों के हमले में सिर्फ़ राम वकील शहीद नहीं हुए बल्कि एक पूरा परिवार उजड़ गया। कई सपने दफ़्न हो गए, कई उम्मीदें खत्म हो गईं। शहीद राम वकील के परिवार को एक ऐसा ज़ख़्म मिला है जो शायद ही कभी भर सकेगा।

 वीडियो देखेंः

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here