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कारगिल में घुसपैठ की सबसे पहले खबर देने वाले थे सौरभ कालिया, इस शहीद की बहादुरी है मिसाल

शहीद कैप्टन सौरभ कालिया

Kargil War 1999: कारगिल में पाक सैनिकों की घुसपैठ की सबसे पहले खबर देने वालों में जाट रेजिमेंट के शहीद कैप्टन सौरभ कालिया (Captain Saurabh Kalia) थे। 

भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में कारगिल युद्ध (Kargil War) लड़ा गया था। इस युद्ध में पाकिस्तान को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा था। पाकिस्तान को हराकर हमारे वीर सपूतों ने दिखा दिया था कि वे किसी भी हद तक जाकर देश की रक्षा करने में सक्षम हैं।

युद्ध करीब 40 दिन चला लेकिन जैसा की हर युद्ध में देखने को मिलता है दोनों देशों को इसका नुकसान झेलना पड़ता है। किसी को कम तो किसी को ज्यादा। इस युद्ध में भारतीय सेना के अपने 527 जवानों को खो दिया था।

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इस युद्ध की शुरुआत से पहले पाकिस्तान ने कारगिल के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया था। इस कब्जे का असर यह हुआ कि भारत की सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी। दुश्मन ऊंचाई वाले इलाकों में था और वह कभी भी भारतीय सेना पर अटैक कर सकता है।

कारगिल में पाक सैनिकों की घुसपैठ की सबसे पहले खबर देने वालों में जाट रेजिमेंट के शहीद कैप्टन सौरभ कालिया (Captain Saurabh Kalia) थे। 1999 में कारगिल में पाकिस्तानियों की घुसपैठ का पता कैप्टन सौरभ कालिया और उनकी टीम ने लगाया था।

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इसके बाद पालमपुर के कैप्टन सौरभ कालिया (Captain Saurabh Kalia) का शव अपने अन्य पांच साथियों के साथ क्षत-विक्षत हालत में मिला था। भारत शांति के साथ इस मसले को हल करना चाहता था लेकिन पाकिस्तान ने भारत के एक वीर जवान के साथ ऐसी बर्बरता की भारत का खून खौल उठा। पाकिस्तान को उसकी भाषा में ही जवाब देकर इस युद्ध में हराया गया था।